26 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) छत्तीसगढ़ ने छात्रसंघ चुनाव की तत्काल बहाली, 12वीं बोर्ड पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। इस संबंध में आज आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
NSUI ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2016 के बाद से छात्रसंघ चुनाव बंद कर दिए गए हैं, जिससे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। संगठन का आरोप है कि सरकार जानबूझकर चुनाव नहीं करवा रही ताकि छात्र अपनी आवाज न उठा सकें और शिक्षा व्यवस्था में हो रहे भ्रष्टाचार पर सवाल न खड़े हों।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि वर्तमान में शिक्षा संस्थानों में निजीकरण बढ़ रहा है, फीस में मनमानी वृद्धि हो रही है और छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिल रही। साथ ही कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी, हॉस्टल की समस्या और मूलभूत सुविधाओं का अभाव भी गंभीर मुद्दे बने हुए हैं।
NSUI ने हाल ही में सामने आए 12वीं बोर्ड के हिंदी पेपर लीक मामले को प्रशासन की बड़ी विफलता बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि छात्रसंघ चुनाव होते, तो निर्वाचित प्रतिनिधि इस तरह के मामलों को मजबूती से उठाते।
राजनीतिक संदर्भ में NSUI ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह शिक्षित युवाओं के नेतृत्व से डरती है, इसलिए चुनाव टाल रही है। वहीं कांग्रेस शासनकाल में कोरोना महामारी के कारण चुनाव न होने को परिस्थिति जन्य बताया गया।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसके तहत 30 मार्च 2026 को प्रदेशभर के महाविद्यालयों में ज्ञापन सौंपा जाएगा और 6 अप्रैल 2026 को सभी विश्वविद्यालयों का घेराव कर छात्र शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा।
NSUI ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल संगठन की नहीं बल्कि हर छात्र के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है।
✍️ प्रधान संपादक–सीजी क्राइम रिपोर्टर
