26 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की महत्वपूर्ण बैठक जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित इस बैठक में जिले में निवेश, नए उद्योगों की स्थापना और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य महाप्रबंधक सी.आर. टेकाम ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में 12 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनमें कुल 50 करोड़ 80 लाख रुपये का पूंजी निवेश हुआ है। इन उद्योगों के माध्यम से 237 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं, जो जिले के आर्थिक विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
कलेक्टर ने भूमि से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि औद्योगिक निवेश में बाधा न आए, इसके लिए भूमि अभिलेखों में स्पष्टता सुनिश्चित की जाए और वन क्षेत्र या पेड़-पौधों से संबंधित विवादों का पूर्व समाधान किया जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (PMFME/CMFME) की प्रगति पर भी चर्चा की गई। पीएमईजीपी के तहत 50 प्रकरणों को बैंक से स्वीकृति मिली, जबकि 20 मामलों में ऋण वितरण किया गया। वहीं पीएमएफएमई योजना में 110 के लक्ष्य के विरुद्ध 106 प्रकरण स्वीकृत हुए और 80 मामलों में ऋण वितरित किया गया।
कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण मंडल में लंबित औद्योगिक प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां 10 किलोमीटर की परिधि में मल्टीप्लेक्स या सीबीएसई स्कूल नहीं हैं, ताकि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत निजी निवेश को बढ़ावा दिया जा सके।
इस वर्ष स्थापित प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में सोलर एनर्जी, राइस मिल, एल्युमिनियम उत्पाद, प्लास्टिक टैंक निर्माण, कैटल फीड, वस्त्र निर्माण और वेयरहाउसिंग से जुड़े उद्योग शामिल हैं, जो जिले के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा दे रहे हैं।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और जिले में निवेश को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।
