18 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:सिंधी समाज के इष्टदेव झूलेलाल साईं जी के जन्मोत्सव चेटीचंड महोत्सव की तैयारी पर शहर में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
साप्ताहिक आयोजन के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जोड़ने और जागरूक करने का संदेश दिया जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत सिंधी समाज की कुलदेवी हिंगलाज माता एवं भगवान झूलेलाल साईं जी के चित्र पर पुष्प अर्पण, दीप प्रज्वलन और आरती के साथ हुई। इस अवसर पर बिलासपुर नगर की प्रथम महिला नागरिक महापौर पूजा विधानी एवं झूलेलाल मंदिर चक्करभाटा से मां बरखा भाभी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया गया।

महोत्सव की शुरुआत समाज में जागरूकता लाने के उद्देश्य से की गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं और युवतियों को Kerala Story 2 फिल्म दिखाई गई, ताकि वे समाज में मौजूद भ्रामक और खतरनाक तत्वों के प्रति सजग रह सकें।
इसके बाद 15 मार्च को “सिंध जो मेला” का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक व्यंजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से समाज की एकता और अखंडता का परिचय मिला। प्रभात फेरी जैसे धार्मिक आयोजनों ने माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।

इसी कड़ी में आज महिला विंग द्वारा भव्य स्कूटर रैली निकाली गई, जो दीनदयाल उपाध्याय गार्डन, व्यापार विहार से प्रारंभ होकर मैग्नेटो मॉल, सीएमडी कॉलेज, पुराना बस स्टैंड, शिव टॉकीज चौक, गांधी चौक होते हुए तोरवा स्थित सिंधु भवन में संपन्न हुई। रैली में सैकड़ों महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, इस आयोजन में एक हजार से अधिक महिलाओं की सहभागिता देखने को मिली।


कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने कहा कि समाज में अक्सर महिला-पुरुष समानता की बात तो की जाती है, लेकिन उसे व्यवहार में लाना आवश्यक है। इसी सोच के साथ महिलाओं को आगे लाकर उन्हें समान अवसर और मंच देने का प्रयास किया जा रहा है।

विनोद मेघानी (अध्यक्ष, सेंट्रल पंचायत) ने मातृशक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि जब महिलाएं और युवा साथ आते हैं, तो समाज में संस्कार, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

डी.डी. आहूजा (संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष, सिंधी सेंट्रल पंचायत) ने बताया कि यह आयोजन न केवल उत्सव है, बल्कि समाज में जागरूकता और नई पीढ़ी को सही दिशा देने का प्रयास भी है।

वहीं रूपचंद डोडवानी (अध्यक्ष, श्री झूलेलाल मंगलम) ने कहा कि चेटीचंड महोत्सव केवल सिंधी समाज ही नहीं, बल्कि सभी समाजों के लिए आस्था और श्रद्धा का पर्व है, जिसमें साईं झूलेलाल जी को जल और ज्योत के देवता के रूप में पूजा जाता है।

वहीं रॉबिन वाधवानी (अध्यक्ष, सेंट्रल सिंधी युवा विंग) ने जानकारी दी कि यह साप्ताहिक महोत्सव 20 मार्च तक जारी रहेगा, जिसमें लाड़ा (संगीत) कार्यक्रम, युवा रैली और साईं झूलेलाल जी की भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा।

गरिमा शाहनी (नगर अध्यक्ष, भारतीय सिंधु सभा) ने बताया कि इस रैली का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके साहस और क्षमता को प्रदर्शित करने का मंच देना है, ताकि वे समाज में बराबरी का दर्जा हासिल कर सकें।
पूरे आयोजन के माध्यम से सिंधी समाज ने यह संदेश दिया कि जब संस्कृति, एकता और जागरूकता एक साथ आती है, तो समाज न केवल संगठित होता है, बल्कि मजबूत भी बनता है।
