11 मार्च 2026
न्यायधानी बिलासपुर
सीजी क्राइम रिपोर्टर
बिलासपुर:शहरों में साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग 2025-26” की शुरुआत कर दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की इस नई पहल के तहत अब राज्य के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता का नियमित सर्वेक्षण और मूल्यांकन किया जाएगा।
इस पहल का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 10 मार्च को रायपुर में आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह के दौरान किया। इसके साथ ही राज्य शासन ने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को स्वच्छता लीग के क्रियान्वयन के लिए परिपत्र जारी कर दिया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि राज्य में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग के माध्यम से शहरों में सफाई व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े दावों का सत्यापन और मूल्यांकन किया जाएगा।
विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले वर्ष 12 अगस्त को बिलासपुर में आयोजित स्वच्छता समागम कार्यक्रम के दौरान इस लीग की घोषणा की थी। इसके बाद 17 सितंबर को सर्वेक्षण की टूलकिट का अंग्रेजी संस्करण और 29 सितंबर को हिंदी संस्करण जारी किया गया था।
स्वच्छता लीग के तहत सर्वेक्षण और मूल्यांकन का कार्य क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) को सौंपा गया है। एजेंसी द्वारा नियुक्त मूल्यांकनकर्ता नगरीय निकायों का स्थल निरीक्षण करेंगे, स्वच्छता से संबंधित सुविधाओं का अवलोकन करेंगे और आवश्यक दस्तावेजी प्रमाण एकत्रित करेंगे। पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएगी।
नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिया है कि सर्वेक्षण शुरू होने से पहले अपने क्षेत्र में नागरिकों, स्वच्छता कर्मियों, पर्यवेक्षकों तथा अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को इसकी जानकारी दें, ताकि मूल्यांकन कार्य पारदर्शी, सरल और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। विभाग ने स्वच्छता लीग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सर्वेक्षण के सफल संचालन के लिए सभी निकायों को पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
