09 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। समग्र शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों को बेहतर उपचार और नई जिंदगी देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी कड़ी में Sanjay Agrawal ने सोमवार को मंगला स्थित Bilaspur Hospital पहुंचकर शल्य चिकित्सा कराए गए दिव्यांग बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को आवश्यक उपकरण और उपहार भेंट कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कलेक्टर ने बच्चों के अभिभावकों से बातचीत करते हुए कहा कि ऑपरेशन के बाद बच्चों की नियमित देखभाल और थेरेपी बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों की निरंतर निगरानी और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार देखभाल करने के लिए प्रेरित किया।

गौरतलब है कि Samagra Shiksha Abhiyan के तहत संचालित समावेशी शिक्षा कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण और आकलन शिविर आयोजित किए जाते हैं। वर्ष 2025-26 में विकासखंड और जिला स्तर पर आयोजित शिविरों में चिकित्सकों द्वारा 13 बच्चों को शल्य चिकित्सा के लिए चिन्हांकित किया गया था।
कलेक्टर के निर्देश एवं मार्गदर्शन में इन बच्चों का समग्र स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और Ayushman Bharat Yojana के तहत उनकी शल्य चिकित्सा की प्रक्रिया शुरू की गई। मंगला स्थित बिलासपुर हॉस्पिटल में अब तक तीन बच्चों की सफल सर्जरी की जा चुकी है। इनमें कुमारी पिया पात्रे (प्राथमिक शाला अमेरी, विकासखंड तखतपुर), कुमारी संध्या साहू (प्राथमिक शाला लारीपारा, विकासखंड कोटा) और प्रतीश कुमार (प्राथमिक शाला शहीद भगत सिंह, बंधवापारा, विकासखंड बिल्हा) शामिल हैं।

इस दौरान कलेक्टर ने समग्र शिक्षा से जुड़े ब्लॉक रिसोर्स पर्सन और फिजियोथेरेपिस्ट को निर्देश दिए कि दिव्यांग बच्चों को नियमित थेरेपी उपलब्ध कराई जाए और समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जाए। उन्होंने जरूरतमंद अन्य बच्चों का भी चिन्हांकन कर उनकी शल्य चिकित्सा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में बालिकाओं को स्वास्थ्य शिक्षा और विकलांगता से जुड़ी जागरूकता देने के निर्देश भी दिए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग से छोटे बच्चों की सूची प्राप्त कर अर्ली इंटरवेंशन पर कार्य करने की बात कही, ताकि भविष्य में उपचार और शल्य चिकित्सा के बेहतर परिणाम मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल के थेरेपी सेंटर का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर चिकित्सक डॉ. गोपेन्द्र दीक्षित, जिला मिशन समन्वयक ओम पांडेय, डॉ. अखिलेश तिवारी, डॉ. मुकेश पांडेय सहित बीआरपी, स्पेशल एजुकेटर और थेरेपिस्ट मौजूद रहे।
