26 फरवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर में राजकिशोर नगर स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई बड़ी लूट और सीपत की वारदात के बाद पुलिस ने जिस तेजी, सूझबूझ और रणनीतिक योजना के साथ कार्रवाई की, उसने पूरे प्रदेश में एक नई मिसाल पेश कर दी। रामगोपाल गर्ग और रजनेश सिंह के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन गोल्ड” के तहत अंतरराज्यीय गिरोह को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया और लूटा गया कीमती माल सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
इस उल्लेखनीय सफलता के बाद बिलासा गुड़ी स्थित चेतना हॉल में सराफा व्यापारियों और पुलिस अधिकारियों की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक से पहले सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों और ऑपरेशन में शामिल 11 सदस्यीय विशेष टीम का शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। व्यापारियों ने पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई की खुलकर प्रशंसा करते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

बैठक में व्यापारियों और पुलिस के बीच सुरक्षा समन्वय को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। आईजी ने कहा कि सूचना मिलते ही टीम ने लगातार निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और समन्वित प्रयासों के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। इस अभियान में उत्तर प्रदेश पुलिस का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा, जिसके चलते पुलिस टीम मिर्जापुर तक पहुंचकर गिरोह को पकड़ने में सफल रही।
एसएसपी ने सराफा कारोबारियों को सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन करने के निर्देश देते हुए उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने, प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड रखने और कीमती आभूषणों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस और व्यापारियों की साझेदारी बेहद जरूरी है।
सराफा एसोसिएशन ने भरोसा दिलाया कि सभी व्यापारी पुलिस द्वारा सुझाए गए सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे और शहर को सुरक्षित बनाने में पूरा सहयोग देंगे। “ऑपरेशन गोल्ड” की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बिलासपुर पुलिस सतर्क, सक्षम और अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
