23 फरवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर, 23 फरवरी 2026। भारत स्काउट एवं गाइड्स जिला संघ बिलासपुर द्वारा विश्व चिंतन दिवस के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ओल्ड कंपोजिट बिल्डिंग, डीईओ कार्यालय स्थित स्काउट विभाग कक्ष क्रमांक-16 के प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित जिले भर के स्काउट-गाइड, रोवर्स और रेंजर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वधर्म प्रार्थना से हुआ। प्रार्थना के माध्यम से सर्वधर्म समभाव, अनुशासन, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया गया, जो स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना को प्रतिबिंबित करता है। इसके पश्चात कक्ष क्रमांक-6 स्थित सभा हॉल में मुख्य आयोजन संपन्न हुआ, जहां सभी सदस्य एकत्रित हुए।
विश्व चिंतन दिवस के उपलक्ष्य में स्काउट, गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स द्वारा तैयार किए गए स्लोगन, पोस्टर और बैनरों का प्रदर्शन एवं मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागियों ने विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सेवा भावना और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर प्रभावशाली एवं रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस परेड, राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान देने वाले स्काउट-गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त राज्य सचिव श्रीमती बीना यादव उपस्थित रहीं, जबकि अध्यक्षता पदेन जिला आयुक्त (गाइड) श्रीमती सुनीता ध्रुव ने की। विशिष्ट अतिथियों में सहायक राज्य आयुक्त (स्काउट) श्री विजय कुमार यादव, श्री भूपेंद्र शर्मा तथा सहायक राज्य आयुक्त (गाइड) डॉ. भारती दुबे शामिल रहे।
जिला संघ के पदाधिकारी, स्काउटर-गाइडर एवं बड़ी संख्या में सदस्य कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विश्व चिंतन दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सेवा भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने संगठन के सिद्धांतों का पालन करते हुए समाज सेवा में निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया।
यह आयोजन अनुशासन, उत्साह और संगठनात्मक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण बना। शताब्दी वर्ष का यह समारोह स्काउट-गाइड आंदोलन के प्रति समर्पण, सेवा और भाईचारे की भावना को और अधिक सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ
