केवीके बिलासपुर व इफको की पहल, किसानों ने सराही आधुनिक तकनीक
13 फरवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), बिलासपुर एवं इफको के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम हरदीकला टोना में गेहूं फसल पर ड्रोन तकनीक से 19:19:19 उर्वरक एवं नैनो डीएपी के पर्णीय छिड़काव का सफल प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर नई तकनीक की जानकारी प्राप्त की।
उल्लेखनीय है कि रबी 2026 के अंतर्गत ग्राम हरदीकला टोना में 23 किसानों के 25 एकड़ क्षेत्र में गेहूं फसल का अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन संचालित किया जा रहा है। इसके तहत उच्च उत्पादन क्षमता एवं बायोफोर्टिफाइड (उच्च जिंक एवं उच्च प्रोटीन युक्त) गेहूं की उन्नत किस्म “पूसा तेजस” का चयन किया गया है।

प्रदर्शन के अंतर्गत किसानों को उन्नत उत्पादन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें सीड ड्रिल से कतार एवं क्रिस-क्रॉस बोआई, बीजों का कन्सोशिया से उपचार, 125 किग्रा प्रति हेक्टेयर बीज दर का उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन एवं वैज्ञानिक जल प्रबंधन शामिल हैं। इसी क्रम में ड्रोन तकनीक के माध्यम से गेहूं में 19:19:19 उर्वरक एवं इफको द्वारा निर्मित नैनो डीएपी का पर्णीय छिड़काव कर किसानों को आधुनिक कृषि की दिशा में प्रेरित किया गया।
कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञों ने ड्रोन संचालन की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि इस विधि से कम समय में सटीक, समान एवं प्रभावी छिड़काव संभव है। इससे श्रम लागत में कमी, समय की बचत तथा उत्पादन में वृद्धि की संभावना बढ़ती है। साथ ही संतुलित उर्वरक उपयोग, खरपतवार एवं कीट-व्याधि प्रबंधन के वैज्ञानिक उपायों की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में केवीके बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गीत शर्मा, डॉ. शिल्पा कौशिक, श्री जयंत साहू, डॉ. एकता ताम्रकार एवं इंजी. पंकज मिंज उपस्थित रहे। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री नवीन तिवारी, कृषि विभाग के अधिकारी तथा ग्राम के अनेक कृषक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
किसानों ने ड्रोन तकनीक की सराहना करते हुए भविष्य में इसे अपनाने की इच्छा व्यक्त की। यह पहल क्षेत्र में आधुनिक, किफायती एवं वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
