January 20, 2026
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32 लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक पहुँचा नल से शुद्ध जल, 5,564 ग्राम ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित


16 जनवरी 2026

सीजी क्राइम रिपोर्टर….

रायपुर/बिलासपुर
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आया है। यह बात उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही।


उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि मिशन लागू होने से पहले प्रदेश में केवल 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के बीते दो वर्षों में इस संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए और छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए।
श्री साव ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश के 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं, वहीं 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है। इनमें से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणन प्राप्त हो चुका है। बीते दो वर्षों में ‘हर घर जल’ प्रमाणित ग्रामों की संख्या में 750 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है।


उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा इन योजनाओं के माध्यम से 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन जोड़े जा चुके हैं।
जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के चलते बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड, 629 अनुबंधों का निरस्तीकरण तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की गई है।
आगामी कार्ययोजना पर जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का निर्माण, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान एवं वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।