15 जनवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर….
बिलासपुर/बेलतरा
छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से जिले में पहली बार बेलतरा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला के प्रयासों से आयोजित यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव 16 से 18 जनवरी तक नगपुरा मेला मैदान, ग्राम पंचायत कड़री में संपन्न होगा। आयोजन संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन एवं बेलतरा महोत्सव आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
महोत्सव का शुभारंभ 16 जनवरी को संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन दिवस पर लोक गायक श्री चंदन यादव एवं लोक गायिका श्रीमती अल्का चन्द्राकर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।
महोत्सव के दूसरे दिन 17 जनवरी 2026 को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी। इस दिन स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता बिल्हा विधायक श्री धरम लाल कौशिक करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी एवं जिला सहकारी मर्यादित बैंक के अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। सायं 6 बजे से लोक गायक श्री अनुराग शर्मा एवं प्रसिद्ध गायिका शहनाज अख्तर की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण रहेंगी।
महोत्सव का समापन 18 जनवरी को होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह करेंगे। विशिष्ट अतिथियों में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, महापौर श्रीमती पूजा विधानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। समापन संध्या में लोक गायक श्री अनुज शर्मा एवं श्री हिलेन्द्र सिंह ठाकुर की प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए खास आकर्षण होंगी।
तीनों दिनों तक महोत्सव परिसर में लोकनृत्य, लोकगीत एवं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। बाँस एवं मिट्टी से बने शिल्प, पारंपरिक वस्त्र और पारंपरिक व्यंजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से आमजन को रूबरू कराएंगे।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करना, ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना तथा जनसामान्य को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव को सफल बनाएं।
