14 जनवरी 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर…..
बिलासपुर/बिल्हा
जिले में कटस्म मिलिंग के दौरान धान की हेराफेरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। कलेक्टर बिलासपुर के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने विकासखण्ड बिल्हा के ग्राम केसला में संचालित कटस्म मिलिंग हेतु पंजीकृत राइस मिल गायत्री फूड प्रोडक्ट की जांच की, जहां भारी अनियमितता पाई गई। जांच के बाद मिल परिसर में उपलब्ध समस्त धान जब्त करते हुए राइस मिल को वाहन सहित सील कर दिया गया।

जांच के दौरान पाया गया कि वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राइस मिलर द्वारा समितियों से कुल 25,300 क्विंटल धान का उठाव किया गया था। हालांकि, भौतिक सत्यापन के समय मिल परिसर में केवल 22,148 क्विंटल धान ही मौजूद मिला। इस प्रकार 3,152 क्विंटल धान मौके पर अनुपस्थित पाया गया, जिससे धान की रिसायकलिंग अथवा अन्य अनियमित गतिविधियों की आशंका जताई गई।
मिल संचालक आयुष अग्रवाल द्वारा किया गया यह कृत्य छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 का स्पष्ट उल्लंघन है। अनियमितता की पुष्टि होने पर जांच दल ने भौतिक रूप से उपलब्ध 22,148 क्विंटल धान को जब्त कर लिया, जिसकी अनुमानित कीमत 6 करोड़ 86 लाख 58 हजार 800 रुपये आंकी गई है। साथ ही राइस मिल गायत्री फूड प्रोडक्ट को सील कर दिया गया है।
संयुक्त जांच दल में सहायक खाद्य अधिकारी अजय कुमार मौर्य, खाद्य निरीक्षक आशीष दिवान, श्याम वस्त्रकार एवं श्रीमती ललिता शर्मा शामिल रहीं।

गौरतलब है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समितियों से धान उठाव की सतत निगरानी की जा रही है। इसके लिए आईसीसीसी कमाण्ड सेंटर का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस द्वारा ट्रैक किया जा रहा है। समिति से धान उठाव के बाद वाहन का अधिक समय तक एक स्थान पर रुकना या निर्धारित क्षमता से अधिक धान का परिवहन होने पर संबंधित सूचना आईसीसीसी पोर्टल पर स्वतः प्रदर्शित होती है, जिसकी जांच जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा की जाती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के परिवहन एवं भंडारण में अनियमितता बरतने वाले मिलर्स के विरुद्ध आगे भी इसी तरह कड़ी जांच और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
