नील तरलेजा की प्रस्तुति, सिंधी डी.जे. नाइट और परंपरा-संस्कृति से जुड़ा भव्य उत्सव
बिलासपुर–
“दिल तुंजी, मुंहजी हिक आ—असांजे में डाडो प्रेम आ” की भावनाओं के साथ सिंधी कल्चर डे के अवसर पर बिलासपुर में पहली बार एक भव्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं के संयुक्त प्रयास से गठित “डाडो सुठो कमेटी, बिलासपुर” द्वारा कुंदन पैलेस में किया गया, जिसने प्रथम प्रयास में ही अपनी भव्यता और सुव्यवस्थित प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ रात्रि 7 बजे भगवान झूलेलाल जी की भव्य प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर महा आरती के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संत सांई लाल दास जी के सुपुत्र वरुण सांई, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के कार्यकारी अध्यक्ष महेश रोहरा, महासचिव बलराम आहूजा, छत्तीसगढ़ युवा विंग अध्यक्ष विकास रूपरेला, अर्जुन लखवानी, अनिल लाहोरानी, अमर चंवादनी, मनीष पंजवानी (रायपुर) सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे मुंबई से पधारे सिंधी समाज के रॉकस्टार नील तरलेजा, जिन्होंने अपनी सुरीली आवाज़ में पुराने-नए सिंधी गीतों और कलाम की शानदार प्रस्तुति देकर माहौल को उत्साह और उमंग से भर दिया। वहीं कानपुर से आईं एंकर सौम्या ने अपनी सशक्त और आकर्षक एंकरिंग से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। संगीत की धुनों पर महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी झूम उठे—मानो सिंधी भाषा, संस्कृति और भावनाओं का त्रिवेणी संगम साकार हो उठा हो।


इस आयोजन की विशेषता यह रही कि नई पीढ़ी को सिंधी संस्कृति से जोड़ने के लिए अलग-अलग स्टॉल लगाए गए, जहां भगवान झूलेलाल, भक्त कंवर राम, शहीद हेमू कालाणी और सिंधु सम्राट राजा दाहिर सेन के जीवन और योगदान की जानकारी दी गई। साथ ही पारंपरिक सिंधी व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए, जिनका लोगों ने भरपूर आनंद लिया। बच्चों के लिए नि:शुल्क झूले और मनोरंजन के विशेष इंतजाम भी किए गए थे।

प्रवेश द्वार पर समाज के पूर्व मुखियों एवं दिवंगत समाजसेवियों को बड़े फ्लेक्स के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की गई, वहीं वर्तमान समाज प्रमुखों का सम्मान भी किया गया। इस भावनात्मक पहल ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।

कार्यक्रम में पहली बार सिंधी डी.जे. नाइट का भी आयोजन किया गया, जिसमें पुणे से आए डी.जे. एबलेज ने शानदार प्रस्तुति देकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया।

इस अवसर पर वरुण सांई ने कहा कि चालिहा महोत्सव के अवसर पर ऐसा भव्य और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का उत्कृष्ट प्रयास है। वहीं महेश रोहरा और बलराम आहूजा ने आयोजन को “डाडो सुठो” बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम अन्य शहरों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़े और उसे आगे बढ़ाए।
कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का समिति एवं पंचायत पदाधिकारियों द्वारा सम्मान किया गया। आयोजन को लेकर वरिष्ठ नागरिकों ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत सराहनीय बताया।
