10 दिसम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर…….
बिलासपुर:–कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाले शासकीय विद्यालय अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में पहचान बना रहे हैं। जिले में प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएमश्री) योजना के अंतर्गत 13 चयनित विद्यालयों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। इनमें 08 शासकीय प्राथमिक एवं 05 सेजेस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं।

इन विद्यालयों में अब छात्र-छात्राओं को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं, बल्कि तकनीक, खेल, कला, संगीत और कौशल विकास से जुड़ा समग्र शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से स्कूल परिसरों का कायाकल्प किया जा रहा है।
इमारतों से लेकर सुविधाओं तक हुआ व्यापक विस्तार
बीते दो सत्रों में विद्यालयों के लिए 05 अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए गए, जिनमें से 02 बनकर तैयार हो चुके हैं। बालवाड़ी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए 08 कक्षों की स्वीकृति मिली, जिनमें आधे बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं 14 मरम्मत कार्यों में से 08 पूर्ण कर लिए गए हैं, शेष पर काम तेजी से चल रहा है।

आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष, प्रयोगशालाएं और अटल टिंकरिंग लैब के लिए 09 कक्ष स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता को नई उड़ान मिल रही है।
सोलर लाइट, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित परिसर
08 पीएमश्री विद्यालयों में सोलर लाइट की सुविधा शुरू कर दी गई है। विद्यार्थियों के लिए वाटर कूलर, फिल्टर, स्वच्छ शौचालय, गार्डन और किचन गार्डन जैसी सुविधाएं विद्यालयों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित परिसर में बदल रही हैं।

खेल, योग और संगीत से निखर रहा सर्वांगीण विकास
सत्र 2025-26 से सभी पीएमश्री विद्यालयों में खेल, योग एवं संगीत प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इससे बच्चों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास को नया आधार मिला है। विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाकर व्यवहारिक ज्ञान से भी जोड़ा जा रहा है।
स्मार्ट क्लास से डिजिटल युग की पढ़ाई
कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को व्यावसायिक एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा दी जा रही है। स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से अब शिक्षा पूरी तरह तकनीक आधारित हो रही है।

राष्ट्रीय संस्थानों से शिक्षकों को मिल रहा प्रशिक्षण
शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने के लिए शिक्षकों और प्राचार्यों को IISER पुणे, IIT जम्मू-कश्मीर और IIM रायपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। इससे शिक्षण पद्धति में नवाचार और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हो रही है।
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नतीजा साफ है—
पीएमश्री योजना ने बिलासपुर जिले के शासकीय विद्यालयों को आधुनिक शिक्षा के केंद्र में बदल दिया है। अब बच्चे न केवल बेहतर सुविधाओं में पढ़ रहे हैं, बल्कि उनका भविष्य भी अधिक सुरक्षित, सक्षम और उज्ज्वल बन रहा है।
