16 नवम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर……
मुख्यमंत्री ने कहा – रावत नाचा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एकता का अद्भुत प्रतीक
बिलासपुर:–बिलासपुर के लाल बहादुर शास्त्री शाला प्रांगण में आयोजित 48वें रावत नाचा महोत्सव में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने परंपरागत रावत नाचा वेशभूषा धारण कर शामिल होकर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। आगमन पर महोत्सव के संरक्षक श्री कालीचरण यादव एवं समिति सदस्यों ने पुष्पहार पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री एवं विशिष्ट अतिथियों ने भगवान श्री कृष्ण के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से महोत्सव में बढ़ी शोभा
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया तथा महापौर सुश्री पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

रावत नाचा महोत्सव—48 वर्षों की गौरवगाथा
महोत्सव के संरक्षक डॉ. कालीचरण यादव ने स्वागत उद्बोधन में रावत नाचा की 48 वर्षीय यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महोत्सव यदुवंशी समाज की संस्कृति, सम्मान और संरक्षण की गौरवशाली पहचान है।

📢.मुख्यमंत्री का संबोधन : सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है रावत नाचा
मुख्यमंत्री श्री साय ने पारंपरिक रावत नाचा वेशभूषा में मंच पर पहुंचकर समाज के प्रति सम्मान व्यक्त किया और नर्तन दलों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा—
“यदुवंशी समाज वह समाज है जहाँ प्रभु श्री कृष्ण ने अवतार लिया। छत्तीसगढ़ की नृत्य–गायन परंपरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एकता की प्रतीक है।”
मुख्यमंत्री ने ‘तेल फूल में लइका बाढ़े…’ दोहा प्रस्तुत कर यदुवंशी समाज और नर्तकों को आशीर्वचन दिए।
📢.अतिथियों के संबोधन
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू
उन्होंने रावत नाचा को यदुवंशी समाज के शौर्य, परंपरा और कला का अद्भुत प्रदर्शन बताया तथा मंच से दोहे गाकर शुभकामनाएं दीं।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
उन्होंने कहा कि 48 वर्षों से यह परंपरा जीवित रखना समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक गर्व का परिचायक है।
बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल
उन्होंने कहा—
“रावत नाचा बिलासपुर की 48 वर्षों की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है। समाज के मंगल और सद्भाव के लिए यदि कोई समाज निरंतर कार्य करता है, तो वह यादव समाज है।”
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव
उन्होंने कहा कि बिलासा की धरा पर रावत नाचा महोत्सव का आयोजन सौभाग्य का विषय है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के आगमन के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री नर्तक दलों के साथ झूमे
मुख्यमंत्री श्री साय रावत नर्तक दलों के बीच पहुंचे और ढोल–नगाड़ों की गूंजती ताल पर उनके साथ थिरके। कलाकारों की प्रस्तुति से प्रसन्न होकर उन्होंने कहा कि यह सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देती रहेगी।
