16 नवम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर……
साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सात दिवसीय स्वदेशी मेला का किया अवलोकन
कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और युवा उद्यमियों के उत्पादों की सराहना
प्रदेश में ‘यूनिटी मॉल’ निर्माण से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
बिलासपुर:–मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सात दिवसीय स्वदेशी मेला के अवलोकन हेतु पहुंचे। स्वदेशी जागरण मंच बिलासपुर द्वारा मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने भारत माता, भगवान बिरसा मुंडा और राष्ट्रऋषि दत्तोपंत ठेंगड़ी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

300 से अधिक स्टॉल—हस्तशिल्प से लेकर पारंपरिक व्यंजन तक आकर्षण का केंद्र
मुख्यमंत्री ने मेले में लगाए गए स्वदेशी स्टालों का अवलोकन किया और कारीगरों, स्व-सहायता समूहों एवं युवा उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना की।
मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें—
👉.हस्तशिल्प
👉.कोसा वस्त्र
👉.ढोकरा एवं बेलमेटल कला
👉.जैविक उत्पाद
👉.गृह सज्जा सामग्री
👉.पारंपरिक व्यंजन
आगंतुकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश : स्वदेशी हमारी जड़ों और आत्मसम्मान की पहचान

जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा—
“न्यायधानी बिलासपुर में स्वदेशी मेला केवल आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और आत्मसम्मान का उत्सव है।”
उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मंच वर्षों से स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि—
स्वदेशी की शक्ति को सबसे पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पहचाना
महात्मा गांधी ने चरखे के माध्यम से स्वदेशी को जनांदोलन बनाया
वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की
लोकल फॉर वोकल और आत्मनिर्भर भारत ने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय मंच दिया
उन्होंने कहा कि यदि हम विदेशी वस्तुएं खरीदेंगे तो देश का धन विदेश जाएगा, इसलिए स्वदेशी अपनाना राष्ट्रहित में आवश्यक है।

यूनिटी मॉल से बढ़ेगी स्थानीय उत्पादों की पहुंच
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इससे कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए बड़ा मंच प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का कोसा, ढोकरा आर्ट और बस्तर का बेलमेटल आज वैश्विक पहचान बना चुके हैं।
स्वदेशी—केवल अर्थव्यवस्था नहीं, सुरक्षा और सांस्कृतिक एकता की भी नींव
मुख्यमंत्री ने कहा—
स्वदेशी भारत की सुरक्षा, एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का आधार है
वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच स्वदेशी उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है
सरकार स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन देकर उन्हें राष्ट्रीय–वैश्विक बाजार में सक्षम बनाने का निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया—
“हर घर स्वदेशी–हर हाथ स्वदेशी का संकल्प लें।”
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को ऋण वितरित
मुख्यमंत्री ने मेले में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत 4 हितग्राहियों को प्रथम ऋण राशि वितरित की।
अतिथियों के उद्बोधन
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू
उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में स्वदेशी मेला विशाल स्वरूप ग्रहण कर चुका है।
उन्होंने कहा—
“आत्मनिर्भर भारत केवल आर्थिक नहीं, सांस्कृतिक स्वतंत्रता का भी मार्ग है।”

विधायक श्री धरमलाल कौशिक
उन्होंने स्वदेशी आंदोलन की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गांधीजी ने विदेशी कपड़ों की होली जलाकर आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया था।
विधायक श्री अमर अग्रवाल
उन्होंने कहा कि 1991 में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा प्रारंभ आंदोलन आज देश के आर्थिक स्वाभिमान का मूल मंत्र बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने हेतु स्वदेशी अपनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम का सम्मान एवं समापन
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने स्वागत भाषण दिया, वहीं श्री सुब्रत चाकी ने मेले का प्रस्तावना प्रस्तुत किया।
उपस्थित प्रमुख अतिथि एवं गणमान्य नागरिक
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव, विधायक धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, भूपेंद्र सवन्नी, राजा पांडेय, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
स्वदेशी जागरण मंच परिवार की ओर से डॉ. सुशील श्रीवास्तव, अरूणा दीक्षित, डॉ. देवेन्द्र कौशिक, भृगु अवस्थी, डॉ. नीता श्रीवास्तव, गिरी गोस्वामी, उदित सूद, डॉ. ज्योतिन्द उपाध्याय, लता गुप्ता, शोभा कश्यप, दीप्ति बाजपेयी, मीनाक्षी बोमार्डे, जगन्नाथ बोले, अमित श्रीवास, मीना गोस्वामी, पूनम श्रीवास, अरुण सिंह ठाकुर, जूही जैन, लता ठाकुर, मनीष अग्रवाल, वंदना गोस्वामी, लक्की बंजारे, प्रहलाद दुसेजा, धीरेन्द्र केशरवानी एवं सुमन द्विवेदी सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
