05 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
भदौरा/अकलतरा-बिलासपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार सुबह हुआ एक भीषण सड़क हादसा उस समय जीवन और मौत की जंग में बदल गया, जब आम आदमी पार्टी के कार्यकारिणी अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा की कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अभिषेक मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए। लेकिन संकट की इस घड़ी में समाजसेवी गणेश कुमार बिंद और अन्य लोगों की मानवीय संवेदनशीलता, तेज़ निर्णय क्षमता और तत्काल कार्रवाई ने उनकी जिंदगी बचाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिषेक मिश्रा अपनी कार से रायपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने जा रहे थे। सुबह लगभग 10 बजे ग्राम भदौरा के समीप मुख्य मार्ग पर गांव से अचानक निकल रहे एक अज्ञात वाहन को बचाने के प्रयास में उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज रफ्तार में डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उन्हें सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं और उनकी हालत चिंताजनक हो गई।
एक पल की देरी भी पड़ सकती थी भारी, गणेश कुमार बिंद बने जीवनरक्षक:दुर्घटना की सूचना मिलते ही समाजसेवी गणेश कुमार बिंद अपने एक साथी के साथ बिना किसी विलंब के दोपहिया वाहन से घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने घायल अभिषेक मिश्रा को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला और समय गंवाए बिना बिलासपुर के केयर एंड क्योर अस्पताल पहुंचाया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई के कारण चिकित्सकों को समय रहते उपचार शुरू करने का अवसर मिला, जिसने घायल की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

आईसीयू में चला उपचार, डॉक्टरों ने दी राहत की खबर:अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद अभिषेक मिश्रा को तत्काल आईसीयू में भर्ती किया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अब स्थिर है और वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं। हालांकि बेहतर उपचार के लिए उनकी विस्तृत चिकित्सकीय जांच और निगरानी लगातार जारी है।
समाजसेवियों ने निभाई इंसानियत की मिसाल:दुर्घटना की सूचना मिलते ही रायपुर जा रहे समाजसेवी सरदार जसबीर सिंह चावला भी अपना सफर रोककर सीधे अस्पताल पहुंचे। उन्होंने उपचार की पूरी व्यवस्था का जायजा लिया और हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया।

इसी दौरान तनवीर शादाब एवं सरदार जसबीर सिंह चावला से सूचना मिलने पर शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी अलीम अंसारी भी तत्काल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से मुलाकात कर अभिषेक मिश्रा के स्वास्थ्य की जानकारी ली, परिजनों को स्थिति से अवगत कराया और भरोसा दिलाया कि वे सुरक्षित हैं। इस दौरान डॉ. रविकांत सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।
राहत एवं सहयोग कार्य में ललित बघेल, प्रेम प्रकाश पांडे सहित अन्य लोगों ने भी सराहनीय योगदान दिया।
डॉ. तरुण सिंह की चिकित्सकीय दक्षता बनी संजीवनी
घायल के उपचार के दौरान हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. तरुण सिंह की तत्परता, सटीक चिकित्सकीय निर्णय और लगातार निगरानी ने अभिषेक मिश्रा की स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समय पर मिले विशेषज्ञ उपचार ने संभावित गंभीर परिणामों को टाल दिया।

भदौरा कट फिर बना हादसों का ‘ब्लैक स्पॉट’, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल:यह दुर्घटना एक बार फिर भदौरा कट की खतरनाक स्थिति को उजागर कर गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह स्थान लंबे समय से लगातार सड़क हादसों का केंद्र बना हुआ है। जयरामनगर और आसपास के गांवों के लोग इसी कट से राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रवेश करते हैं, लेकिन यहां पर्याप्त डिमार्केशन, चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल, हाई-मास्ट प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित यातायात प्रबंधन का अभाव है।
स्थिति को और गंभीर बनाते हैं सड़क पर घूमने वाले आवारा मवेशी, जो विशेषकर सुबह और शाम के समय अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं। इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना से बचना बेहद कठिन हो जाता है।

स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभागों से मांग की है कि भदौरा कट को तत्काल सुरक्षित घोषित करते हुए यहां प्रभावी सुरक्षा उपाय, बेहतर संकेतक, प्रकाश व्यवस्था, स्पीड कंट्रोल और आवारा मवेशियों की रोकथाम की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसे दर्दनाक हादसे का सामना न करना पड़े।
इंसानियत ने फिर जीत ली मौत से जंग:यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में इंसानियत, सामाजिक जिम्मेदारी और चिकित्सकीय समर्पण की जीवंत मिसाल बन गया। यदि समाजसेवी गणेश कुमार बिंद और अन्य सहयोगी समय पर सहायता के लिए आगे नहीं आते, तो परिणाम कहीं अधिक दुखद हो सकते थे। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर बढ़ा हुआ मदद का एक हाथ किसी की पूरी जिंदगी बचा सकता है।
