09 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष
रायगढ़। रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत 300 किलोग्राम गांजा तस्करी के बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे मुख्य मास्टरमाइंड शुभम यादव को साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले माह पकड़ी गई करीब ₹1.86 करोड़ मूल्य की गांजा खेप का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार 5 जून 2026 को “ऑपरेशन आघात” के दौरान उड़ीसा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही लगभग 300 किलो गांजा की खेप जब्त कर तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सामने आया कि पूरे नेटवर्क का संचालन शुभम यादव कर रहा था, जिसके बाद वह फरार हो गया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की लगातार निगरानी की। 8 जुलाई को सूचना मिली कि आरोपी केआईए कार से रायगढ़ क्षेत्र में मौजूद है। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी तेज रफ्तार से भागने लगा, लेकिन कुंजारा के पास संयुक्त टीम ने उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी शुभम यादव (29 वर्ष) निवासी विवेकनगर कॉलोनी, थाना चचाई, जिला अनूपपुर (मध्यप्रदेश) के कब्जे से लगभग ₹10.17 लाख मूल्य की केआईए कार, मोबाइल फोन, घड़ी, नकदी, वाहन दस्तावेज और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(बी) एवं 29 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और वित्तीय लाभार्थियों की भी जांच कर रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस केवल मादक पदार्थ जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क, वित्तीय लाभार्थियों और मास्टरमाइंड तक पहुंचकर एंड-टू-एंड कार्रवाई कर रही है। नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
