रायगढ़ पुलिस के हाई-प्रोफाइल “ऑपरेशन अंकुश” ने ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। लगातार हो रही ताबड़तोड़ कार्रवाई और पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच अब बड़े-बड़े सट्टा खाईवाल खुद सामने आकर सरेंडर करने लगे हैं। मंगलवार को रायगढ़ के चर्चित सट्टा कारोबारी जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से फरार चल रहा गुड्डा सरदार पुलिस के बढ़ते शिकंजे से घबराया हुआ था। एसएसपी के सामने पेश होकर उसने सट्टे के काले कारोबार से हमेशा के लिए तौबा करने और सामान्य जीवन जीने की बात कही। आरोपी ने स्वीकार किया कि फरारी के दिनों में वह लगातार तनाव, डर और परिवार की चिंता में जी रहा था।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि रायगढ़ पुलिस की नजर जिले में चल रहे हर अवैध कारोबार पर है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऑनलाइन सट्टा, जुआ और साइबर अपराध में शामिल लोगों की पहचान की जा चुकी है और पुलिस किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है।
करन चौधरी गैंग का बड़ा ऑपरेटर निकला गुड्डा सरदार
पुलिस जांच में सामने आया है कि जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार सिर्फ एक साधारण बुकी नहीं, बल्कि करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल के बड़े सट्टा नेटवर्क का अहम ऑपरेटर था। वह रायगढ़, रायपुर, बिलासपुर, सक्ती से लेकर दिल्ली तक फैले ऑनलाइन आईपीएल सट्टा सिंडिकेट का संचालन संभाल रहा था।
जांच में गौतम भोजवानी, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी समेत कई बड़े सट्टा कारोबारियों से उसके संबंध उजागर हुए हैं। पुलिस को हवाला ट्रांजेक्शन, डिजिटल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और फाइनेंशियल लिंक के कई अहम सबूत मिले हैं।

आरोपी सट्टा खाईवाल- जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार
कैसे खुला करोड़ों के सट्टा नेटवर्क का राज:26 अप्रैल को साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने रायगढ़ और घरघोड़ा में एक साथ दबिश देकर ऑनलाइन आईपीएल सट्टा रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मोबाइल, डिजिटल रिकॉर्ड और नकदी जब्त की गई थी।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि पूरा नेटवर्क करन चौधरी और गुड्डा सरदार के इशारे पर संचालित हो रहा था। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस, कॉल डिटेल, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल डेटा के जरिए सिंडिकेट की परतें खोलनी शुरू कीं।
जांच में यह भी सामने आया कि सट्टे से कमाए गए करोड़ों रुपए पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य कारोबारी चैनलों के जरिए “कैश डंप” कर हवाला नेटवर्क से ट्रांसफर किए जाते थे।
गोवा के विला तक पहुंची रायगढ़ पुलिस:इस हाई-प्रोफाइल जांच के दौरान रायगढ़ पुलिस ने गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित एक किराए के विला में भी छापेमार कार्रवाई की थी। वहां मध्य भारत के बड़े सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई नामी बुकी पुलिस के रडार पर आए। कार्रवाई के दौरान आरोपी मोबाइल, लैपटॉप और हिसाब-किताब के दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत जब्त किए थे। इससे पहले कृष्णा प्राइड टॉवर से पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल की गिरफ्तारी के साथ करीब 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार रुपए की संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है।
