10 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:अखिल भारतीय मानव अधिकार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पांडे ने बिलासपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान देते हुए कहा कि समिति पूरे देश में “सम्मानित जीवन, समान अधिकार” के उद्देश्य के साथ व्यापक जनजागरण अभियान चला रही है। संस्था गरीबों, किसानों, मजदूरों, पीड़ितों और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है।
उन्होंने कहा कि मानव अधिकार समिति केवल आवाज उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का कार्य कर रही है। समिति जेलों में सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर कैदियों के पुनर्वास की दिशा में भी काम कर रही है।
अजय पांडे ने बताया कि कई ऐसे कैदी हैं जिनकी सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण जुर्माना जमा नहीं कर पाने से वे जेल में ही बंद हैं। ऐसे जरूरतमंद कैदियों की मदद के लिए समिति आगे आई है। उन्होंने जबलपुर जेल में श्रीमद्भागवत कथा आयोजन की अनुमति मांगे जाने की जानकारी भी दी।
प्रेस वार्ता में किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए अजय पांडे ने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है, लेकिन आज किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और किसानों के शोषण पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन में अग्रणी होने के बावजूद प्रदेश में आम जनता महंगी बिजली और अघोषित कटौती से परेशान है। उन्होंने किसानों को पर्याप्त बिजली, आम नागरिकों को सस्ती एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
अजय पांडे ने कहा कि स्थानांतरण नीति में मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने, कर्मचारियों की समस्याओं का संवेदनशील समाधान निकालने और प्रशासनिक व्यवस्था को जनहितकारी बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी, यातायात अव्यवस्था, कानून व्यवस्था की कमजोर स्थिति, फैक्ट्रियों में सुरक्षा उपकरणों की कमी और प्रशासनिक लापरवाही को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
प्रेस वार्ता के दौरान अजय पांडे ने समिति के नारे “जागते रहो, जागते रहो” को दोहराते हुए कहा कि समान अधिकारों और जनहित के मुद्दों पर संस्था गांधीवादी आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने पत्रकारों के हितों को लेकर भी आवाज बुलंद करते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून, उचित वेतन, बीमा, पेंशन और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की।
