09 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/मुंगेली
बिलासपुर:छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को माननीय मुख्य न्यायाधीश एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने जिला एवं सत्र न्यायालय मुंगेली से दीप प्रज्ज्वलित कर वर्चुअल माध्यम से किया। इस दौरान प्रदेश के सभी 23 जिलों में एक साथ नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
अपने प्रेरणादायक संबोधन में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि नेशनल लोक अदालत आम जनता को त्वरित, सुलभ और आपसी समझौते से न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से अधिक से अधिक पुराने और लंबित मामलों के निराकरण के लिए सक्रिय प्रयास करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने मुंगेली जिला न्यायालय में गठित विभिन्न खंडपीठों का निरीक्षण किया तथा हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए। उन्होंने बैंक, बीमा एवं नगर निगम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।

मुख्य न्यायाधीश ने उच्च न्यायालय बिलासपुर में गठित नेशनल लोक अदालत की दोनों खंडपीठों का भी भ्रमण किया तथा माननीय न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरू से संवाद कर लोक अदालत की कार्यवाही और प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की।
छत्तीसगढ़ न्यायपालिका द्वारा त्वरित न्याय के संकल्प को मजबूती देते हुए इस नेशनल लोक अदालत में बड़ी उपलब्धि हासिल की गई। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राज्यभर के उच्च न्यायालय, जिला, तालुका एवं राजस्व न्यायालयों में कुल 64 लाख 72 हजार 606 प्रकरणों का सफल निराकरण किया गया, जबकि 36 अरब 24 करोड़ 58 लाख 69 हजार 436 रुपए का अवार्ड पारित किया गया।
माननीय मुख्य न्यायाधीश ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, परिवार न्यायालयों के न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं संबंधित हितधारकों की सराहना की।
