भ्रामक खबरों पर स्कूल प्रबंधन का जवाब • DEO के निर्देश पर जांच जारी
बिलासपुर:नारायणा ई-टेक्नो स्कूल के संचालन को लेकर सोशल मीडिया में चल रही खबरों के बीच विद्यालय प्रबंधन सामने आया है। स्कूल के प्राचार्य प्रभाष चंद्र और मैनेजर आर. नवीन कुमार ने मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि विद्यालय के संबंध में विभिन्न माध्यमों से प्रसारित की जा रही कई सूचनाएं अधूरी एवं भ्रामक हैं, जिससे अभिभावकों और समाज में भ्रम की स्थिति बन रही है।
प्रबंधन ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में विद्यालय का दायित्व है कि वह तथ्यात्मक जानकारी सामने रखे, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी न फैले। उन्होंने जानकारी दी कि 14 मार्च 2026 को विद्यालय से जुड़ा विषय सार्वजनिक मंचों पर सामने आया, जिसके बाद उसी दिन अपराह्न में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने संज्ञान लेते हुए विद्यालय को 2 कार्य दिवस के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विद्यालय प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए 16 मार्च 2026 की सुबह निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत कर दिया। इसी दिन मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन भी किया गया।
प्राचार्य और मैनेजर ने बताया कि जांच प्रक्रिया के दौरान भी विभिन्न माध्यमों में लगातार खबरों का प्रसार होता रहा, लेकिन चूंकि मामला जांचाधीन है, इसलिए विद्यालय ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने में संयम बरता।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा विधिवत गठित जांच समिति पूरे मामले की जांच कर रही है और विद्यालय सभी नियमों, मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों का पूरी तरह पालन कर रहा है।
विद्यालय की स्थापना और मान्यता प्रक्रिया को लेकर उन्होंने बताया कि किसी भी शैक्षणिक संस्था का संचालन एक सुनियोजित और चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत होता है, जिसमें पंजीकरण, भूमि एवं भवन की व्यवस्था, आधारभूत संरचना और सुरक्षा मानकों की पूर्ति अनिवार्य होती है। इसके अलावा राज्य शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन, निरीक्षण और स्वीकृति आवश्यक है।
निरंतर अनुपालन के तहत UDISE पंजीकरण, योग्य शिक्षकों की नियुक्ति, शुल्क समिति का गठन और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन भी किया जाता है। वहीं CBSE संबद्धता के लिए भी निर्धारित मानकों के अनुरूप आवेदन और निरीक्षण प्रक्रिया पूरी की जाती है।
प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालय किसी भी कर्मचारी के मूल दस्तावेज अपने पास बंधक नहीं रखता है। आवश्यकता पड़ने पर सभी दस्तावेज जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
विद्यालय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता, अनुशासन और समग्र विकास के साथ बेहतर शिक्षा प्रदान करना है। शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय स्तर की संस्था NSPIRA से तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग लिया जा रहा है।
अंत में प्रबंधन ने बताया कि नारायणा एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्था है, जो पिछले लगभग 47 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है और देश के 25 से अधिक राज्यों में 850 से ज्यादा विद्यालयों का संचालन कर रही है।
