13 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर, 13 मार्च 2026। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (IPS) ने शुक्रवार को पुलिस लाइन का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी और पुलिस स्टाफ उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान अनुशासन, संसाधनों और पुलिस व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई।
वार्षिक निरीक्षण के दौरान डीआईजी-एसएसपी ने पुलिस परेड की सलामी ली और जवानों के टर्न-आउट, स्क्वाड ड्रिल, मार्चपास्ट, शस्त्र अभ्यास, दिशा बदल, बलवा ड्रिल और फायरिंग अभ्यास का निरीक्षण किया। बेहतर टर्न-आउट और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों व जवानों को प्रशंसा के साथ पुरस्कृत किया गया, जबकि मानक के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने वालों को दंडित भी किया गया।
परेड में कुल 326 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए, जिनमें 11 राजपत्रित अधिकारी, 17 निरीक्षक, 16 उप निरीक्षक, 16 सहायक उप निरीक्षक, 42 प्रधान आरक्षक, 178 आरक्षक और 46 महिला आरक्षक शामिल थे।

परेड के बाद आयोजित पुलिस सम्मेलन में डीआईजी-एसएसपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। सम्मेलन में स्वास्थ्य, स्थानांतरण, वेतन, सेवा और आवास से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही पुलिस फैमिली क्वार्टर में पानी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान के निर्देश भी जारी किए गए।
बैठक में पुलिस मुख्यालय और रेंज मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों की जानकारी देते हुए अधिकारियों को मोबाइल पेट्रोलिंग, सतर्कता, जवाबदेही, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सभी थाना-चौकियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, सामुदायिक पुलिसिंग, महिला-बाल सुरक्षा और नशे के खिलाफ अभियान को सख्ती से चलाने के निर्देश दिए गए।

डीआईजी-एसएसपी ने बीट प्रणाली को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति से लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ती है और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव होता है। उन्होंने थाना-चौकी प्रभारियों को बीट सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि अनुभव एप और सशक्त एप के माध्यम से अब तक 20 से अधिक चोरी के वाहन बरामद किए जा चुके हैं और आगे भी इस तकनीक से चोरी के वाहनों की बरामदगी में मदद मिलेगी। अनुभव एप से थाना-चौकियों की कार्यप्रणाली का फीडबैक भी मिल रहा है,
जिससे पुलिस व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है।
निरीक्षण के अंत में डीआईजी-एसएसपी ने पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की। कार्य संतोषजनक पाए जाने पर अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना की गई और संसाधनों के रख-रखाव, मरम्मत और उपयोग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला पुलिस के आधुनिकीकरण के तहत बलवा नियंत्रण और सुरक्षा उपकरणों की खरीदी की गई है, जिससे लगभग 1000 जवानों को बलवा सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा पुलिस बल के लिए 16 नई बोलेरो गाड़ियां, 2 मध्यम मालवाहक ट्रक और 1 बस उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे थाना-चौकियों की कार्यक्षमता और बेहतर होगी।
पुलिस कर्मियों के आवास की समस्या को दूर करने के लिए 108 नए पुलिस क्वार्टर स्वीकृत किए गए हैं, जिनका निर्माण पूरा होने पर कर्मचारियों को जल्द ही आवास का लाभ मिलेगा।
सीजी क्राइम रिपोर्टर
