पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम
12 फरवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायपुर/दुर्ग/अंबिकापुर
बिलासपुर, 12 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ की जेल प्रशासन व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। बिलासपुर सहित राज्य की चार केंद्रीय जेलों — रायपुर, दुर्ग और अंबिकापुर — को आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि जेल प्रबंधन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली को स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उप मुख्यमंत्री एवं जेल विभाग के प्रभारी श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में केंद्रीय जेलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली लागू करने की पहल की गई थी। इसी क्रम में 11 फरवरी 2026 को प्रमाणन संस्था द्वारा चारों जेलों के अधीक्षकों को औपचारिक रूप से प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

यह प्रमाणन जेल प्रशासन में प्रक्रियागत सुधार, जवाबदेही, पारदर्शिता और मानवाधिकार संरक्षण को मजबूत करेगा। साथ ही बंदियों के कल्याण, जोखिम प्रबंधन और जन-विश्वास में वृद्धि सुनिश्चित करेगा। सुधारात्मक न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बनाने की दिशा में इसे मील का पत्थर माना जा रहा है।

इस उपलब्धि में केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, बिलासपुर के अधीक्षक खोमेश मंडावी, दुर्ग के अधीक्षक मनीष सम्भाकर तथा अंबिकापुर के अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही।
केंद्रीय जेल बिलासपुर के अधीक्षक खोमेश मंडावी ने कहा कि राज्य शासन की पहल से जेल प्रशासन में गुणवत्ता और संवेदनशीलता को नई दिशा मिली है। यह प्रमाणन छत्तीसगढ़ को सुधारात्मक प्रशासन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।
