31 दिसम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर….
न्यायधानी बिलासपुर
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में वर्ष 2025 के दौरान लंबित प्रकरणों की संख्या में उल्लेखनीय और ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। न्यायिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और समयबद्ध बनाने के लिए किए गए निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में न्यायालय ने त्वरित, पारदर्शी एवं सुलभ न्याय की दिशा में प्रभावी कदम उठाए। “न्याय में देरी, न्याय से वंचना” की भावना को केंद्र में रखते हुए प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।
आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2025 को उच्च न्यायालय में कुल 84,305 प्रकरण लंबित थे। वर्ष 2025 के दौरान 55,416 नए प्रकरण दर्ज हुए, जबकि इसी अवधि में 64,054 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इसके परिणामस्वरूप वर्ष के अंत तक लंबित प्रकरणों में 8,638 की शुद्ध कमी आई, जो लगभग 10.25 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है। वर्ष 2025 में प्रकरणों की निराकरण दर 115.59 प्रतिशत रही, जो संस्थापन से अधिक है।
यह उपलब्धि माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की प्रेरणादायी सोच, सभी माननीय न्यायाधीशों की प्रतिबद्धता तथा न्यायिक अधिकारियों और न्यायालयीन स्टाफ के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इससे न केवल न्यायिक प्रणाली की दक्षता में वृद्धि हुई है, बल्कि आम नागरिकों को शीघ्र एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय भविष्य में भी न्यायिक सुधारों को और अधिक सुदृढ़ करते हुए लंबित प्रकरणों में निरंतर कमी लाने तथा जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
