06 दिसम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर…….
बिलासपुर:–वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के दिशा-निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा जिले में चिन्हित सड़क दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में पुलिस मुख्यालय रायपुर से सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री संजय शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान जिले के प्रमुख ब्लैक स्पॉट सेंदरी तिराहा, मस्तूरी बायपास तिराहा एवं भदौरा चौक का अवलोकन किया गया। टीम ने सेंदरी तिराहा एवं भदौरा चौक ब्लैक स्पॉट में अंडरब्रिज की आवश्यकता बताई, वहीं मस्तूरी बायपास तिराहा में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ रंबल स्ट्रिप लगाए जाने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा हाईवे से जुड़े अन्य सहायक मार्गों के निकट भी अंडरब्रिज की आवश्यकता पर बल दिया गया।

ब्लैक स्पॉट निरीक्षण के दौरान यातायात के मास्टर ट्रेनर सेवा निवृत्त उप निरीक्षक श्री उमाशंकर पांडे सहित यातायात बल मौजूद रहा। टीम द्वारा हाईवे पेट्रोलिंग वाहन के जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्हें हमेशा फर्स्ट एड बॉक्स साथ रखने, सड़क पर खड़े भारी वाहनों को तत्काल हटाने तथा होटल, ढाबा, लॉज के सामने सड़क पर वाहन खड़े नहीं रहने देने के निर्देश दिए गए। निर्देशों की अवहेलना पर संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को सुरक्षित तरीके से वाहन में रखकर अस्पताल पहुंचाने की विधि की जानकारी भी जवानों को दी गई। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में क्षेत्र को सुरक्षित कर यातायात सुचारू रूप से संचालित रखने के संबंध में भी विस्तार से समझाया गया।

निरीक्षण के दौरान ब्लैक स्पॉट चौक के चारों कोनों पर किए गए अतिक्रमण, झाड़ियों तथा दृश्यता में बाधा बनने वाले ठेला-गुमटी को शीघ्र हटाने के सुझाव दिए गए। साथ ही स्पीड लिमिट, कनेक्टिंग रोड, दुर्घटना संभावित क्षेत्र एवं ब्लैक स्पॉट से संबंधित चेतावनी बोर्ड पूर्व से ही लगाने, रंबल स्ट्रिप एवं मल्टीपल ब्रेकर लगाने, ‘गो स्लो’ संकेतक बोर्ड तथा पूरे मार्ग में नियत दूरी पर स्पीड लिमिट बोर्ड स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
उक्त सभी बिंदुओं पर यातायात पुलिस द्वारा विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर संबंधित विभागों को भेज दिया गया है, ताकि शीघ्र ही सुधारात्मक कार्यों का क्रियान्वयन प्रारंभ कर सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
