01 दिसम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर…….
रायपुर:–बिजली बिलों को लेकर राज्य सरकार ने एक बार फिर बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर की गई घोषणा के बाद आज से 200 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना लागू कर दी गई है। हालाँकि इस योजना की शर्तों को लेकर उपभोक्ताओं में सवाल और असंतोष दोनों देखने को मिल रहे हैं।
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400 यूनिट से 100 और अब वापस 200 यूनिट — लगातार बदल रही लिमिट
पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार द्वारा लागू 400 यूनिट तक छूट वाली योजना को पहले घटाकर 100 यूनिट किया गया था। इस निर्णय के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल अचानक बढ़ गए थे। बढ़ते विरोध के बाद सरकार ने पुनः सीमा बढ़ाकर 200 यूनिट करने का निर्णय लिया है। अब यह संशोधित सीमा आधिकारिक रूप से लागू हो चुकी है।
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सिर्फ 200 यूनिट तक ही मिलेगा लाभ, 201 यूनिट होते ही पूरा बिल
नई व्यवस्था के अनुसार :
200 यूनिट तक की खपत पर उपभोक्ताओं को आधा बिजली बिल देना होगा।
201 यूनिट होते ही पूरा बिल देना पड़ेगा, यानी उपभोक्ता योजना से बाहर हो जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह शर्त उपभोक्ताओं के लिए सबसे भ्रमित करने वाली और नुकसानदायक साबित हो सकती है। पहले जहाँ 400 यूनिट तक छूट मिलती थी, अब 201 यूनिट होते ही कोई लाभ नहीं बचेगा।
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45 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ की उम्मीद
बिजली कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि नई सीमा लागू होने से राज्य के 45 लाख से अधिक परिवारों को राहत मिल सकती है।
फिलहाल 100 यूनिट की सीमा के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता लाभ से वंचित थे।
अनुमान है कि 200 यूनिट तक खपत करने वालों का मासिक बिल 800–900 रुपये से घटकर 420–450 रुपये तक पहुँच सकता है।
हालाँकि कई उपभोक्ताओं का मानना है कि यह लाभ वास्तविकता में बहुत सीमित है, क्योंकि अधिकांश परिवार 300–400 यूनिट तक बिजली का उपयोग करते हैं।
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4 महीने में तीसरा बदलाव, उपभोक्ता असमंजस में
अगस्त 2025 में लागू 100 यूनिट सीमा के कारण राज्यभर में असंतोष बढ़ गया था।
उपभोक्ताओं और विपक्ष के विरोध को देखते हुए सरकार ने 4 महीनों में ही फिर से लिमिट संशोधित कर दी।
अब 200 यूनिट की नई व्यवस्था राजनीतिक बहस का नया विषय बन गई है।
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कमर्शियल और कृषि उपभोक्ताओं को लाभ नहीं
नई नीति केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है।
कमर्शियल कनेक्शन
कृषि पंप कनेक्शन
इन दोनों श्रेणियों को हाफ बिजली बिल योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
सितंबर 2025 में 100 यूनिट योजना के दौरान सिर्फ 41,174 उपभोक्ताओं को लाभ मिला था और छूट राशि 40.77 लाख रुपये रही। अब उम्मीद है कि 200 यूनिट सीमा के बाद लाभार्थियों की संख्या कई गुना बढ़ेगी।
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क्या यह राहत या नया भ्रम?
लगातार बदलती लिमिट और सख्त शर्तों के कारण उपभोक्ता इस योजना को “राहत” से ज्यादा “भ्रमित” करने वाला कदम बता रहे हैं। एक यूनिट की मामूली अतिरिक्त खपत पर पूरा बिल चुकाना पड़ेगा, जिससे यह योजना कई लोगों के लिए अप्रभावी साबित हो सकती है।
