बिलासपुर:करवा चौथ के पावन पर्व पर गुम्बर परिवार में भी उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। परिवार की सभी सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना के साथ पूरे विधि-विधान से निर्जला व्रत रखा। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ त्योहार को मनाया और दिनभर बिना अन्न-जल ग्रहण किए व्रत का पालन किया।

इस खास अवसर पर परिवार की सभी महिलाएं एक साथ सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी नजर आईं। किसी ने लाल तो किसी ने गुलाबी और अन्य आकर्षक रंगों की साड़ी पहनकर पर्व की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए। हाथों में रची मेहंदी, माथे पर बिंदी, मांग में सिंदूर, चूड़ियां और पारंपरिक आभूषणों से सजे महिलाओं के श्रृंगार ने पूरे माहौल को उत्सवी बना दिया। परिवार की महिलाओं में एक-दूसरे के साथ इस पर्व को मनाने को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। करवा चौथ की पूजा के लिए सभी महिलाएं एक साथ एकत्रित हुईं। उन्होंने पूजा की थाली सजाई और करवा माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान महिलाओं ने करवा चौथ की पारंपरिक कथा सुनी और अपने परिवार की सुख-शांति तथा पति की दीर्घायु की कामना की। पूजा के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ करवा बदलने और पर्व से जुड़ी पारंपरिक रस्मों को भी निभाया।

दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाओं को शाम होते ही चांद निकलने का इंतजार रहने लगा। महिलाओं ने पूरे विधि-विधान से चंद्रदेव को अर्घ्य दिया। इसके बाद छलनी से पहले चांद और फिर अपने पति का चेहरा देखकर पूजा की रस्म पूरी की। इस तरह दिनभर की उपवास और पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने अपने व्रत का पारण किया। सभी महिलाओं ने मिलकर पर्व की खुशियां साझा कीं और एक-दूसरे को करवा चौथ की शुभकामनाएं दीं। सोलह श्रृंगार, पूजा-पाठ और चांद के दीदार के साथ गुम्बर परिवार में करवा चौथ का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया।
