बिलासपुर। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने जिले में कीटनाशकों की गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था पर निगरानी तेज कर दी है। खरीफ वर्ष 2026 में निर्धारित 35 नमूनों के लक्ष्य के मुकाबले 58 कीटनाशक नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इनमें 15 नमूने अमानक पाए गए, जबकि 33 मानक मिले हैं। शेष 10 नमूनों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। अमानक पाए गए कीटनाशकों के विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगाया गया है।
कृषि विभाग ने कृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों में कुल 129 निरीक्षण किए। अनियमितताएं मिलने पर 14 प्रतिष्ठानों के कीटनाशक विक्रय प्राधिकार पत्र निरस्त और दो के निलंबित किए गए। इसके अलावा 17 प्रतिष्ठानों में बिक्री प्रतिबंध की कार्रवाई की गई तथा सात विक्रेताओं का स्टॉक जब्त किया गया। एक मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है, जबकि दो मामलों में अभियोजन की अनुमति के लिए वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भेजे गए हैं। विभाग बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री, वितरण तथा संबंधित अभिलेखों की लगातार जांच कर रहा है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि कृषि आदानों की कालाबाजारी, अवैध बिक्री और अमानक उत्पादों पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों की शिकायतों और जानकारी के लिए उप संचालक कृषि कार्यालय में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। किसान कार्यालयीन दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक 07752-470814 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि बीज, उर्वरक और कीटनाशक पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा प्रत्येक खरीद का बिल अवश्य लें।
