रायगढ़। डिजिटल टोकन में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने के लालच में एक युवक ने अपना खेत बेच दिया, लेकिन उसके हाथ न मुनाफा आया और न ही मूल रकम वापस मिली। यूनिटी मेटा टोकन और बीड क्वाइन में निवेश के नाम पर 11 लाख 60 हजार रुपये की कथित ठगी के मामले में रायगढ़ साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ओडिशा निवासी गजुला मोहन, चंदन दास और रायगढ़ निवासी भावेष पटेल शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित विक्रम परिडा की पहचान रायगढ़ में रहने के दौरान गजुला मोहन से हुई थी। आरोप है कि गजुला ने डिजिटल टोकन में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने 25 जुलाई से 3 सितंबर 2024 के बीच अपना खेत बेचकर 11.60 लाख रुपये निवेश कर दिए। रकम के लेन-देन में भावेष पटेल के बैंक खाते का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई। निवेश के बाद जब पीड़ित को न मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस हुई, तब उसने पुलिस से शिकायत की। मामले में साइबर थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 16/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में अपराध दर्ज किया गया।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस ने बैंक खातों के लेन-देन और मोबाइल फोन के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी गजुला मोहन के खिलाफ वर्ष 2025 में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। वहीं, ठगी की रकम ओडिशा और मुंबई तक अन्य लोगों के पास भेजे जाने की आशंका को लेकर जांच जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कम समय में रकम दोगुनी करने या भारी मुनाफे का लालच देने वाली निवेश योजनाओं से सावधान रहें और वित्तीय धोखाधड़ी होने पर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
