21 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर की यादें एक बार फिर जीवंत होने जा रही हैं। महान गायकों की अमर आवाजों और सदाबहार नगमों से 22 अगस्त की शाम बिलासपुर सुरमयी होने जा रहा है। लखीराम ऑडिटोरियम में शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक ‘ट्रिब्यूट टू द लीजेंडरी सिंगर्स’ विशेष संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। चार घंटे तक चलने वाली इस संगीत संध्या में मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर, आशा भोसले, सुमन कल्याणपुर, किशोर कुमार और मुकेश जैसे महान गायकों के लोकप्रिय गीतों के जरिए उन्हें सुरमयी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

कार्यक्रम की जानकारी बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में गायिका कनक साहू ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के लिए भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर के चुनिंदा और लोकप्रिय गीतों का विशेष रूप से चयन किया गया है। संगीतप्रेमियों को इस शाम एक से बढ़कर एक सदाबहार नगमे सुनने का अवसर मिलेगा।
कनक साहू ने कहा कि महान गायकों के अमर गीतों को अपनी आवाज में प्रस्तुत करना उनके लिए खुशी और गर्व का विषय है। रफी साहब, लता जी, आशा जी, सुमन कल्याणपुर जी, किशोर कुमार और मुकेश जी की आवाज में सजे गीत आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही शिद्दत से बसे हैं। इन्हीं कालजयी गीतों को नई प्रस्तुति और नए अंदाज के साथ श्रोताओं तक पहुंचाने का प्रयास इस कार्यक्रम के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन महज एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत के उस सुनहरे दौर को याद करने और उन महान सुर साधकों को नमन करने का अवसर है, जिनके गीत पीढ़ियों की यादों का हिस्सा बन चुके हैं। सदाबहार नगमों की प्रस्तुति के साथ श्रोता पुरानी यादों की खूबसूरत दुनिया में लौट सकेंगे।
कनक साहू ने शहर के संगीतप्रेमियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि महान गायकों के अमर गीतों से सजी यह शाम बिलासपुर के संगीतप्रेमियों के लिए यादगार अनुभव साबित होगी।
चार घंटे में गूंजेंगे 30 से 35 सदाबहार नगमे
कार्यक्रम की खासियत यह होगी कि करीब चार घंटे तक लगातार सुरों की महफिल सजेगी। इस दौरान टीम द्वारा 30 से 35 चुनिंदा सदाबहार गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। महान गायकों के लोकप्रिय गीतों का चयन इस तरह किया गया है कि हर उम्र के संगीतप्रेमी उनसे जुड़ाव महसूस कर सकें।
आयोजकों के मुताबिक प्रत्येक गीत को विशेष अंदाज में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि गीत सुनते ही श्रोताओं की पुरानी यादें ताजा हो जाएं। पुराने फिल्मी गीतों की मिठास, सुरीली आवाजों और लाइव प्रस्तुति का संगम 22 अगस्त की शाम को संगीतप्रेमियों के लिए खास बनाने की तैयारी है।
22 अगस्त की शाम लखीराम ऑडिटोरियम में सिर्फ गीत नहीं गूंजेंगे, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर की यादें भी सुरों के साथ फिर से जीवंत होंगी।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
