04 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। शहर के ऐतिहासिक और लगभग 119 वर्ष पुराने सेंट अगस्टीन चर्च ने शनिवार को बड़ा निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ डायसिस (सीएनआई) से अलग होकर स्वतंत्र रूप से चर्च संचालन करने की घोषणा कर दी। चर्च प्रबंधन ने प्रेसवार्ता में डायसिस प्रशासन पर वित्तीय अनियमितता, पारदर्शिता की कमी, नियमों के उल्लंघन, पद के दुरुपयोग और मनमानी जैसे गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इन आरोपों पर छत्तीसगढ़ डायसिस का पक्ष सामने नहीं आया है।

प्रेसवार्ता में चर्च पदाधिकारी पिंकी सिंह, महिमा टोपनो, शबनम इनोक्स, आलोक जकारिया, टीना सैमुअल और प्रभाकर सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि चर्च प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित नियमों के पालन की मांग लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण अंततः डायसिस से अलग होने का निर्णय लिया गया।

चर्च प्रबंधन का कहना है कि सेंट अगस्टीन चर्च द्वारा डायसिस काउंसिल में प्रतिनिधि के रूप में भेजे गए जयदीप रॉबिन्सन, जो वर्तमान में डायसिस के कोषाध्यक्ष हैं, ने अपने पद का मनमाने ढंग से उपयोग किया और अधिकारों का दुरुपयोग किया। प्रबंधन का दावा है कि चर्च ने उन्हें अब अपना प्रतिनिधि नहीं माना है तथा उनकी प्रतिनिधित्व की मान्यता समाप्त कर दी है। ऐसे में उनका यह भी दावा है कि डायसिस में कोषाध्यक्ष का पद भी स्वतः समाप्त माना जाना चाहिए।

पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1907 में ब्रिटिश काल के दौरान स्थापित सेंट अगस्टीन चर्च रेलवे की भूमि पर स्थित एक ऐतिहासिक एंग्लिकन चर्च है। उनका दावा है कि यह चर्च एवं इसकी संपत्ति अहस्तांतरणीय है और इसका किसी भी प्रकार से हस्तांतरण नहीं किया जा सकता।
प्रेसवार्ता में चर्च प्रबंधन ने डायसिस प्रशासन पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि चर्चों से प्राप्त अंशदान का पारदर्शी लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया जाता, कई पादरियों को महीनों तक वेतन नहीं मिला, जबकि पादरियों के स्थानांतरण भी निर्धारित नियमों के विपरीत किए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले पादरियों एवं सदस्यों के खिलाफ निलंबन, सेवा समाप्ति और सामाजिक बहिष्कार जैसी कार्रवाई कर उन्हें मानसिक एवं सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
चर्च प्रतिनिधियों ने कुछ पदाधिकारियों पर मिशन की संपत्तियों एवं निधियों के दुरुपयोग तथा वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि इन आरोपों से संबंधित दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सक्षम जांच एजेंसियों को सौंपा जाएगा।
पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डायसिस से अलग होने का यह निर्णय किसी धार्मिक मतभेद, सिद्धांतगत विवाद या धर्मांतरण से जुड़ा नहीं है। उनका कहना है कि यह कदम केवल चर्च प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने घोषणा की कि अब सेंट अगस्टीन चर्च अपनी एंग्लिकन परंपराओं के अनुरूप स्वतंत्र रूप से सभी धार्मिक, सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों का संचालन करेगा।
समाचार लिखे जाने तक छत्तीसगढ़ डायसिस (सीएनआई) की ओर से चर्च प्रबंधन द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। संबंधित पक्ष का जवाब प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
