04 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, पंडवानी परंपरा और वर्षों से संघर्षरत कलाकारों को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘माता तीजन बाई सम्मान’ के दूसरे संस्करण का पोस्टर मंगलवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में भव्य रूप से विमोचित किया गया।
आयोजन समिति ने घोषणा की कि इस वर्ष सम्मान समारोह में लोककला को नई पहचान देने वाले कलाकारों के साथ-साथ उन महिला कलाकारों को भी विशेष सम्मान दिया जाएगा, जिनका योगदान उल्लेखनीय होने के बावजूद उन्हें अब तक उचित पहचान नहीं मिल सकी है।

पोस्टर विमोचन के दौरान आयोजन समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि ‘माता तीजन बाई सम्मान’ केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और कलाकारों के संघर्ष को नमन करने का अभियान है। इसका उद्देश्य उन प्रतिभाओं को समाज के सामने लाना है, जिन्होंने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी कला को जीवित रखा।

समिति ने बताया कि पिछले वर्ष 40 से अधिक पंडवानी कलाकारों को सम्मानित किया गया था। इस वर्ष 30 पंडवानी कलाकारों को सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसके
साथ ही पहली बार प्रदेश की उन संघर्षशील महिला कलाकारों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है, जिन्होंने 14 से 18 फिल्मों में अभिनय कर अपनी अलग पहचान बनाई, लेकिन आज तक किसी बड़े सम्मान या पुरस्कार से वंचित रहीं।

इस अवसर पर बताया गया कि तीजन बाई ने स्वयं ऐसी 10 महिला कलाकारों को ‘माता तीजन बाई सम्मान’ देने की घोषणा की है। यह सम्मान उनके वर्षों के संघर्ष, कला-साधना और छत्तीसगढ़ी संस्कृति को समृद्ध बनाने में दिए गए अमूल्य योगदान के प्रति समाज की ओर से कृतज्ञता का प्रतीक होगा।
आयोजन समिति ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य किसी प्रकार का प्रचार-प्रसार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांव-गांव और शहर-शहर तक इस सम्मान समारोह की जानकारी पहुँचाना, लोक कलाकारों के प्रति सम्मान का भाव जगाना तथा नई पीढ़ी को अपनी लोकसंस्कृति से जोड़ना है। इस दौरान बिलासपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील भी की गई।
समिति ने जानकारी दी कि ‘माता तीजन बाई सम्मान समारोह’ का आयोजन रायपुर में किया जाएगा। आयोजन का यह दूसरा वर्ष होगा और इसमें प्रदेशभर से लोक कलाकार, सांस्कृतिक हस्तियां तथा कला प्रेमी शामिल होंगे।
आयोजन समिति का विश्वास है कि यह सम्मान समारोह छत्तीसगढ़ की लोककला और कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
