02 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। जिले के सबसे बड़े थोक व्यापारिक केंद्र व्यापार विहार में नकली खाद्य उत्पादों को लेकर एक बार फिर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए अनिल ट्रेडर्स से विभिन्न खाद्य उत्पादों के नमूने जांच के लिए लिए हैं। लेकिन बार-बार हो रही इस कार्रवाई के बावजूद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अब तक किसी भी मामले में ठोस और निर्णायक कार्रवाई क्यों दिखाई नहीं दे रही?

कहा जाता है कि किसी भी व्यक्ति या कारोबार का लंबे समय तक टिके रहना बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं होता। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि व्यापार विहार में लगातार नकली या संदिग्ध उत्पादों की शिकायतें मिल रही हैं और बार-बार सैंपल लिए जा रहे हैं, तो आखिर यह कारोबार किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है? आखिर ऐसा कौन है जिसकी वजह से कार्रवाई के बाद भी यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा?
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जाते हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है। लेकिन व्यापारियों और आम लोगों का सवाल है कि अब तक व्यापार विहार से कितने नमूने लिए गए, कितनों की जांच रिपोर्ट आई, कितने उत्पाद अमानक या नकली पाए गए और उन मामलों में कितने व्यापारियों के विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण, जुर्माना या अन्य वैधानिक कार्रवाई की गई? इन सवालों का स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आ पाया है।

कार्रवाई केवल दुकानों तक क्यों, फैक्ट्रियों तक कब पहुंचेगा विभाग?
व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में नकली खाद्य सामग्री के कारोबार पर अंकुश लगाना चाहता है तो केवल दुकानों से सैंपल लेने तक सीमित रहने के बजाय उन फैक्ट्रियों, उत्पादन इकाइयों और मिलों तक भी पहुंचना होगा, जहां कथित रूप से ऐसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं। जब तक नकली माल तैयार करने वाली जड़ों पर प्रहार नहीं होगा, तब तक बाजार में उसकी आपूर्ति रुकना मुश्किल माना जा रहा है।

व्यापार विहार संघ की भूमिका पर भी उठे सवाल:लगातार हो रही कार्रवाई के बीच व्यापार विहार संघ की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि किसी व्यापारी के यहां जांच में अमानक या नकली उत्पाद मिलने की पुष्टि होती है तो क्या संघ ने ऐसे किसी सदस्य के विरुद्ध कार्रवाई की? क्या किसी व्यापारी की सदस्यता समाप्त की गई या उसे कोई नोटिस जारी किया गया? इन सवालों के जवाब भी सामने नहीं आए हैं।
खाद्य विभाग पर उठ रहे गंभीर सवाल:शहर में डेयरी, खोवा मंडी और अनेक खाद्य प्रतिष्ठान संचालित हैं, लेकिन बार-बार कार्रवाई केवल व्यापार विहार में होने से भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष है तो सभी क्षेत्रों में समान रूप से अभियान चलना चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या खाद्य विभाग केवल बाजार से नमूने लेने तक ही सीमित रहेगा, या फिर उस पूरी सप्लाई चेन तक पहुंचेगा जहां कथित रूप से नकली माल तैयार हो रहा है? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि केवल दुकानों पर कार्रवाई होती रही और उत्पादन स्रोतों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो नकली खाद्य सामग्री का यह अवैध कारोबार पूरी तरह समाप्त करना मुश्किल होगा।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि विभाग जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करता है या फिर कार्रवाई केवल सैंपल लेने तक ही सीमित रह जाती है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
