27 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के कोनी में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 220 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अस्पताल के अधूरे संचालन, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और भविष्य को लेकर सरकार से कई सवाल उठाए गए।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि अस्पताल का 29 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया जा चुका है तथा मुख्यमंत्री भी अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल आज तक पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो पाया है।
विजय केशरवानी ने कहा कि इस अस्पताल से बिलासपुर संभाग के हजारों गरीब, मजदूर, किसान और आम नागरिकों को हार्ट, किडनी, ब्रेन सहित गंभीर बीमारियों के इलाज की बड़ी उम्मीद थी, ताकि उन्हें रायपुर और अन्य बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। लेकिन वर्तमान में कई आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण गंभीर मरीजों को अब भी सिम्स मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल अथवा अन्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से अस्पताल का भवन तो तैयार हो गया, लेकिन 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, अत्याधुनिक आईसीयू, कैथ लैब, ऑक्सीजन प्लांट, पूर्ण सुविधा युक्त एंबुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ तथा तकनीकी कर्मचारियों जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं अब तक पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना था कि केवल भवन का निर्माण और लोकार्पण पर्याप्त नहीं है, बल्कि अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
विजय केशरवानी ने कहा कि अस्पताल का नाम स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर रखा गया है। ऐसे में केवल नामकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि अस्पताल को पूरी क्षमता और गरिमा के साथ संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि भविष्य में इस अस्पताल को किसी निजी संस्था को सौंपने की कोई योजना है या नहीं। सरकार इस विषय पर अपना स्पष्ट पक्ष रखकर जनता की आशंकाओं को दूर करे।
प्रमुख मांगें
अस्पताल को तत्काल पूर्ण क्षमता के साथ शुरू किया जाए।
विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति की जाए।
ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरण शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं।
24 घंटे इमरजेंसी सेवा एवं पूर्ण सुविधा युक्त एंबुलेंस की व्यवस्था शुरू की जाए।
गंभीर मरीजों को रेफर करने की स्थिति समाप्त कर अस्पताल में ही समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए।
अस्पताल के निजीकरण को लेकर सरकार अपना स्पष्ट पक्ष सार्वजनिक करे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केशरवानी ने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि बिलासपुर की जनता के स्वास्थ्य अधिकार और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता को केवल एक भव्य भवन नहीं, बल्कि ऐसा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चाहिए, जहां समय पर आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो।
सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
