साइबर जांच में खुली पोल, तकनीकी साक्ष्यों ने उजागर की पूरी साजिश
21 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:सोशल मीडिया के जरिए एक युवक को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश का तोरवा पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। प्रेम संबंधों में खटास आने के बाद युवती ने अपने पूर्व प्रेमी के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई, अश्लील और धमकीभरे संदेश प्रसारित किए तथा बाद में उन्हीं संदेशों के स्क्रीनशॉट लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। लेकिन साइबर जांच की बारीकी के सामने उसकी पूरी साजिश बेनकाब हो गई।
तोरवा थाना क्षेत्र की रहने वाली प्रीति सूर्यवंशी (26 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मामले की शुरुआत तब हुई जब तिफरा निवासी संजय रात्रे ने 15 मई 2026 को थाना तोरवा में शिकायत दर्ज कराई कि उसके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर सोशल मीडिया में अश्लील एवं धमकीपूर्ण संदेश भेजे जा रहे हैं, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर तकनीकी जांच शुरू की। सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल्स, डिजिटल ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि जिस फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से संदेश भेजे जा रहे थे, उसका संचालन कोई और नहीं बल्कि शिकायतकर्ता की पूर्व परिचित और प्रेमिका रही प्रीति सूर्यवंशी ही कर रही थी।
खुद ही भेजे मैसेज, खुद ही बन गई शिकायतकर्ता:जांच में सामने आया कि आरोपिया ने पहले संजय रात्रे के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया। इसके बाद उसी अकाउंट से अश्लील एवं आपत्तिजनक संदेश भेजे और स्क्रीनशॉट तैयार किए। इतना ही नहीं, उसने 1 जनवरी 2026 को थाना तोरवा में शिकायत दर्ज कर यह आरोप लगाया कि संजय रात्रे उसे ब्लैकमेल कर रहा है और अश्लील फोटो भेज रहा है।
जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की गहन पड़ताल की तो पूरा मामला उल्टा निकल गया। जिस आईडी के खिलाफ शिकायत की गई थी, उसका संचालन स्वयं आरोपिया द्वारा किया जाना पाया गया। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि कई संदेश खुद को ही भेजे गए थे और बाद में उन्हें साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रेम संबंध बना साजिश की वजह:पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि संजय रात्रे और प्रीति सूर्यवंशी पूर्व में प्रेम संबंध में थे। संबंधों में विवाद के बाद युवक को बदनाम करने और उसके खिलाफ भ्रामक माहौल बनाने के उद्देश्य से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल तैयार की गई थी।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। पर्याप्त प्रमाण मिलने के बाद आरोपिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
