
रायगढ़:रेलवे संपत्ति को लगातार निशाना बनाकर लाखों रुपये के तांबा तार और सामग्री चोरी करने वाले शातिर गिरोह का आखिरकार घरघोड़ा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर रेलवे तांबा तार चोरी के तीन और उठाईगिरी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है।
आरोपियों के कब्जे से 178 मीटर रेलवे तांबा तार और नकद राशि बरामद की गई है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में घरघोड़ा पुलिस लगातार इन वारदातों की जांच कर रही थी। रेलवे लाइन से बार-बार हो रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी।
जांच में सामने आया कि 20 फरवरी की रात ग्राम कारीछापर स्थित रेलवे लाइन से ओएचई और तांबा तार चोरी किया गया था। इसके बाद अप्रैल में पंजाब नेशनल बैंक से रकम निकालकर लौट रहे एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल की डिक्की से 40 हजार रुपये पार कर दिए गए। मई में रेलवे साइडिंग से 85 हजार रुपये का तांबा तार चोरी हुआ और जून में छाल-घरघोड़ा रेलवे लाइन से फिर तांबा तार और अन्य सामग्री पार कर दी गई।
लगातार हो रही इन वारदातों के बाद थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। पुख्ता सूचना मिलने पर ढोरम बायपास में घेराबंदी कर मनोज धनवार, शशिभूषण दास बैरागी, अजय धनवार और लखन राठिया को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ में चारों ने चोरी और उठाईगिरी की सभी घटनाओं में शामिल होना स्वीकार कर लिया।
आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी के बाद रेलवे के तांबा तार और अन्य सामान को घूम-घूमकर खरीदने वाले कबाड़ियों को बेच देते थे। वारदात से मिली रकम को आपस में बांटकर शराब और अन्य शौक पूरे करने में खर्च कर देते थे।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर मुस्कुरा जंगल में छिपाकर रखा गया 178 मीटर तांबा तार बरामद किया।बरामद सामग्री में लखन राठिया से 72 मीटर, मनोज धनवार से 40 मीटर तथा शशिभूषण दास बैरागी से 66 मीटर तांबा तार जब्त किया गया है। वहीं अजय धनवार से उठाईगिरी की वारदात से जुड़े 3 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
चारों मामलों में करीब 2 लाख 6 हजार रुपये की चोरी हुई थी, जिसमें से 1 लाख 41 हजार 840 रुपये का माल बरामद कर लिया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रेलवे संपत्ति की चोरी केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।
मामले का खुलासा करने में निरीक्षक कुमार गौरव साहू, एएसआई डेविड टोप्पो, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक तथा आरक्षक हरिश पटेल और उद्योराम पटेल की सराहनीय भूमिका रही।
सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
