17 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर लगातार सक्रिय कलेक्टर ने मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। वहीं टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन के आवेदकों से सीधे फोन पर बात कर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।

इसी दौरान जनदर्शन में एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला जिसने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। दोनों पैरों से 90 प्रतिशत दिव्यांग एक युवती अपनी समस्या लेकर जनदर्शन कक्ष के बाहर बैठी थी। जनदर्शन समाप्त होने के बाद जब कलेक्टर संजय अग्रवाल कार्यालय की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर युवती पर पड़ी। उन्होंने तत्काल उसके पास पहुंचकर उसकी समस्या सुनी और संवेदनशीलता के साथ बातचीत की।

युवती ने बताया कि वह दोनों पैरों से 90 प्रतिशत दिव्यांग है। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उसने अपनी कॉलेज शिक्षा पूरी कर ली है और आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहती है। लेकिन आवागमन की सुविधा नहीं होने के कारण उसे रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर उसने दिव्यांगजन योजना के तहत स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग रखी।

युवती के संघर्ष और जज्बे को सुन कलेक्टर संजय अग्रवाल भावुक हो गए। उन्होंने तत्काल समाज कल्याण विभाग के उप संचालक तिलकेश भावे को मौके पर बुलाकर पूरे मामले की जांच करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने युवती से उसकी आगे की पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और अन्य आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी ली तथा शिक्षा सहित सभी जरूरी सहयोग का भरोसा दिलाया।
जनदर्शन में कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल की पूरे दिन चर्चा होती रही। लोगों ने इसे प्रशासन के मानवीय और जवाबदेह चेहरे की मिसाल बताया। वहीं दिव्यांग युवती ने भी कलेक्टर का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि उसे जल्द ही स्कूटी उपलब्ध होगी, जिससे उसकी शिक्षा और दैनिक जीवन की राह आसान हो सकेगी।
उधर कलेक्टर ने टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आवेदकों से सीधे संवाद किया और अधिकारियों को लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही 21 जून को बहतराई स्टेडियम में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
यह पूरा घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि बिलासपुर प्रशासन केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की समस्याओं को मानवीय दृष्टिकोण से समझकर उनके समाधान के लिए भी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
