16 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर, 16 जून 2026। जिले में सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा एवं निराश्रित मवेशियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में जिला प्रशासन, नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग ने अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर पशुपालकों, डेयरी संचालकों और किसानों से अपने पशुओं को घर अथवा निर्धारित स्थानों पर सुरक्षित रखने तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित सार्वजनिक सड़कों पर न छोड़ने की अपील की गई है।
नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों और राजमार्गों से पकड़े गए मवेशियों को मोपका स्थित पशु आश्रय केंद्र में रखा जाता है। यहां से चयनित पशुओं को पशुपालन विभाग के माध्यम से गौ-इकाई अथवा बैलजोड़ी इकाई के रूप में स्थायी पालन के लिए उपलब्ध कराया जाता है। प्रशासन के अनुसार कई मामलों में पशुपालक अपने पशुओं को वापस लेने के बाद दोबारा सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है और आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित होती है।
इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई गौवंशीय अथवा भैंसवंशीय पशु राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग या सार्वजनिक सड़कों पर घूमता हुआ पाया जाता है तो उसे स्थायी रूप से जब्त कर लिया जाएगा। जब्त सांडों को बैगा-बिरहोर समुदाय एवं जरूरतमंद किसानों को बैलजोड़ी के रूप में तथा गायों को गौ-इकाई के रूप में स्थायी पालन हेतु वितरित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें गौशालाओं और गौठानों में भी स्थायी रूप से स्थानांतरित किया जा सकेगा।
प्रशासन ने कहा है कि यह कदम सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने और पशुओं के बेहतर संरक्षण के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। पशुपालकों से अपने पशुओं की समुचित देखभाल और जिम्मेदार पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि जब्त किए गए पशुओं के संबंध में की गई कार्रवाई पर किसी प्रकार की दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि यह व्यवस्था माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लागू की जा रही है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
