17 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:शहर में तेजी से विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में व्याप्त अनियमितताओं, बिल्डरों की मनमानी तथा फ्लैट मालिकों की समस्याओं को लेकर पंजीकृत आवासीय सहकारी समिति मंच ने मोर्चा खोल दिया है। मंच के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर में लगभग 150 से अधिक आवासीय कॉलोनियां और अपार्टमेंट्स हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर आवासीय समितियों का गठन एवं हस्तांतरण नहीं किया गया है। इसके कारण निवासियों को रखरखाव, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि बिल्डर निर्माण अनुमति प्राप्त करने के समय जिन सुविधाओं का वादा करते हैं, उनमें से कई सुविधाएं कब्जा देने के बाद उपलब्ध नहीं कराई जातीं। साथ ही कई परियोजनाओं में भवनों का गुणवत्ता परीक्षण, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था, संरचनात्मक सुरक्षा और अन्य आवश्यक मानकों का पालन भी पूरी तरह नहीं किया जा रहा है।

मंच ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी एवं अपार्टमेंट्स का हस्तांतरण विधिवत आवासीय समितियों को कराया जाए, बिल्डरों द्वारा किए गए वादों की जांच हो तथा सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा प्रत्येक आवासीय परियोजना में अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा प्रमाणन और नियमित ऑडिट को अनिवार्य बनाने की भी मांग उठाई गई है।
मंच ने राज्य शासन द्वारा लागू किए गए नए सहकारी अधिनियम के प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आवासीय समितियों को अधिक अधिकार मिलेंगे और निवासियों की समस्याओं के समाधान का रास्ता मजबूत होगा। मंच ने प्रशासन से मांग की है कि आवासीय कॉलोनियों एवं अपार्टमेंट्स में रहने वाले नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन भी किया जा सकता है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
