12 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष
रायगढ़/बिलासपुर। भारतीय शास्त्रीय नृत्य जगत और रायगढ़ कथक घराने के लिए गर्व की खबर है। रायगढ़ कथक घराने के वरिष्ठ कथकाचार्य एवं पद्मश्री सम्मानित पंडित रामलाल बरेठ को देश की प्रतिष्ठित संस्था संगीत नाटक अकादमी की सर्वोच्च फेलोशिप “अकादमी रत्न” से सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया गया है। यह सम्मान महामहिम राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाएगा।

पंडित रामलाल बरेठ रायगढ़ कथक घराने के एकमात्र जीवित दरबारी नर्तक हैं। उनका जन्म रायगढ़ में हुआ और उनकी शिक्षा-दीक्षा राजा चक्रधर सिंह तथा उनके पिता पंडित कार्तिक राम के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में हुई। अपनी अथक साधना, समर्पण और उत्कृष्ट कला प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर रायगढ़ कथक घराने को नई पहचान दिलाई और इसकी परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपने दीर्घ कला जीवन में पंडित बरेठ ने अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवाएं दीं। वे इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कई वर्षों तक रीडर पद पर कार्यरत रहे। वर्ष 1981 से 2011 तक खैरागढ़ कथक केंद्र में गुरु के रूप में सेवाएं देते हुए उन्होंने सैकड़ों शिष्यों को कथक नृत्य की शिक्षा प्रदान की, जो आज देश-विदेश में रायगढ़ कथक घराने का नाम रोशन कर रहे हैं।
उन्होंने अपने पुत्र एवं कथक नृत्याचार्य गुरु भूपेंद्र बरेठ को भी कथक कला में पारंगत किया। वर्तमान में गुरु भूपेंद्र बरेठ बिलासपुर स्थित कार्तिक कथक नृत्य केंद्र का संचालन कर नई पीढ़ी को कथक नृत्य का प्रशिक्षण दे रहे हैं तथा रायगढ़ कथक घराने की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
पंडित रामलाल बरेठ को उनके विशिष्ट योगदान के लिए मध्यप्रदेश शासन का शिखर सम्मान, छत्तीसगढ़ शासन का चक्रधर सम्मान, संगीत नाटक अकादमी का संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार तथा भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 में पद्मश्री सम्मान प्रदान किया जा चुका है।
अब संगीत नाटक अकादमी की सर्वोच्च फेलोशिप “अकादमी रत्न” से सम्मानित होने जा रहे पंडित रामलाल बरेठ की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़, विशेष रूप से रायगढ़ और बिलासपुर के लिए गौरव का विषय बन गई है। कला एवं संस्कृति जगत से जुड़े लोगों ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
— सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
