21 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:चौकी बेलगहना क्षेत्र के ग्राम रतखण्डी में हुई एक संदिग्ध मौत की गुत्थी को बेलगहना पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाकर सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने हत्या कर साक्ष्य छुपाने और घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश करने वाले पिता, भाई और एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

आरोपियों के विरुद्ध धारा 103(1), 238, 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
20.05.2026 को ग्राम रतखण्डी निवासी उमेन्द सिंह पटेल चौकी बेलगहना पहुंचा और बताया कि 19-20 मई की दरमियानी रात उसका पुत्र गौरीशंकर पटेल (23) जहर सेवन से मृत पाया गया है तथा मौके पर जहर की शीशी भी पड़ी है।
सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की, लेकिन घटनास्थल का निरीक्षण, शव परीक्षण और फॉरेन्सिक जांच के दौरान कई ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे आत्महत्या की कहानी संदिग्ध लगने लगी। मृतक के शरीर पर चोट के निशान और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों ने मामले को नया मोड़ दे दिया।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि मृतक शराबी और झगड़ालू स्वभाव का था तथा पूर्व में भी उसके खिलाफ 151 की कार्रवाई हो चुकी थी। रात में वह अत्यधिक नशे की हालत में घर में विवाद कर रहा था। इसी दौरान परिजनों ने मिलकर उसे मारपीट कर गिरा दिया, रस्सी से हाथ-पैर बांधे और उसका मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए कीटनाशक की शीशी मृतक के मुंह में डालकर घर में फैला दी गई, ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके।
अगले दिन पिता ने गांववालों और पुलिस के सामने झूठी सूचना देकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश भी की।
पुलिस की सख्त और वैज्ञानिक जांच के सामने यह पूरा षड्यंत्र टूट गया। पूछताछ में उमेन्द सिंह पटेल, शिवशंकर पटेल और अपचारी बालक ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
बेलगहना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए FIR के कुछ ही घंटों के भीतर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में पेश किया गया है।
इस पूरी कार्यवाही में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक हेमंत सिंह, सउनि मोतीलाल सुर्यवंशी, आरक्षक धर्मेन्द्र कश्यप, धीरज जायसवाल, ईश्वर नेताम और अंकित जायसवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई इस त्वरित कार्रवाई ने क्षेत्र में एक बार फिर पुलिस की मुस्तैदी का संदेश दिया है।
