17 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर

बिलासपुर।:शहर में आयोजित दो दिवसीय “कलाकृति एक्जीबिशन” का दूसरा एवं समापन दिवस महिला शक्ति, आत्मनिर्भरता और रचनात्मकता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। एक्जीबिशन में महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां हर आयु वर्ग की महिलाएं अलग-अलग स्टॉलों पर खरीदारी करती नजर आईं। पूरे परिसर में उत्साह, रंगों और रचनात्मकता की अनोखी झलक दिखाई दी।

खरीदारी के इस खास माहौल में बिलासपुर महापौर पूजा विधानी एवं समाज सेविका हर्षिता पांडेय भी पहुंचीं। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने हुनर को पहचान दिलाने का बड़ा मंच प्रदान करते हैं।

“कलाकृति एक्जीबिशन” केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उन महिलाओं के सपनों का मंच बन चुका है जो अपने हुनर को पहचान दिलाने की इच्छा रखती हैं। आयोजन में इस बार हैंडमेड उत्पादों के कई आकर्षक स्टॉल लगाए गए थे, जिन्हें लोगों ने खूब पसंद किया। कपड़े, सजावटी सामान, हस्तनिर्मित कलाकृतियां, ज्वेलरी और घरेलू उत्पादों ने खास आकर्षण बटोरा।

एक्जीबिशन के आयोजक कंचन श्रीवास्तव एवं रेखा आहूजा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है। यही वजह है कि वर्ष में दो बार इस एक्जीबिशन का आयोजन किया जाता है, ताकि महिलाओं को अपने हुनर को बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल सके।

16 मई को हुए भव्य समापन समारोह में खरीदारी करने वाली महिलाओं के लिए आकर्षक उपहार भी रखे गए थे। प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार पूरी पारदर्शिता के साथ बच्चों द्वारा पर्ची निकालकर वितरित किए गए, जिसने आयोजन को और भी यादगार बना दिया।

कार्यक्रम में शामिल अधिकांश महिलाओं के चेहरों पर संतोष और सफलता की मुस्कान साफ दिखाई दे रही थी। कई महिलाओं ने बताया कि इस मंच ने उन्हें न केवल आत्मविश्वास दिया, बल्कि अपने काम को पहचान दिलाने का अवसर भी प्रदान किया। वहीं कुछ महिलाएं पहली बार स्टॉल लगाने के अनुभव के साथ भविष्य में और बेहतर करने की उम्मीद लिए नजर आईं।

समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, ग्राहकों और सहयोगियों का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “जब महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे केवल अपने सपने ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सोच बदलने की क्षमता रखती हैं।”

“कलाकृति एक्जीबिशन” ने एक बार फिर साबित कर दिया कि महिलाएं यदि अपने हुनर पर विश्वास करें, तो आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।
