13 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर- आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 04, जोन क्रमांक 01 गोकुलधाम स्थित प्रथमेश विहार कॉलोनी के रहवासियों ने कॉलोनी के पीछे स्थित गोखने नाला के गहरीकरण एवं चौड़ीकरण की मांग को लेकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि नाला अत्यधिक संकीर्ण हो जाने और किनारों पर उगे वृक्षों के कारण जल निकासी बाधित हो रही है, जिससे हर वर्ष बरसात में गंभीर जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार प्रथमेश विहार कॉलोनी के पीछे गोखने नाला के समीप लगभग 18 परिवार निवासरत हैं, जो पिछले कई वर्षों से बरसाती आपदा का सामना कर रहे हैं। भारी बारिश के दौरान नाले का पानी ओवरफ्लो होकर सीधे घरों और कॉलोनी की गलियों में प्रवेश कर जाता है। स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि कई घरों में 3 से 4 फीट तक पानी भर जाता है और लोगों को तीन-चार दिनों तक नारकीय परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

रहवासियों ने बताया कि जलभराव के कारण घरेलू सामानों को भारी नुकसान पहुंचता है। वहीं छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। गंदे पानी के साथ सांप, बिच्छू एवं अन्य जहरीले जीव-जंतु घरों में घुस आते हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लगातार जलभराव के चलते क्षेत्र में बिजली, स्वच्छ पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हो जाती हैं।

कॉलोनीवासियों ने प्रशासन को दिए आवेदन में उल्लेख किया है कि विगत वर्षों में आई भीषण बाढ़ के दौरान हालात इतने गंभीर हो गए थे कि कई परिवारों को एसडीआरएफ (SDRF) टीम की सहायता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। रहवासियों ने इस संबंध में छायाचित्र और अन्य साक्ष्य भी प्रशासन को सौंपे हैं।
निवासियों ने जनहित और संभावित आपदा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से मांग की है कि आगामी बरसात शुरू होने से पहले कॉलोनी के समीप लगभग 200 मीटर क्षेत्र में गोखने नाला का तत्काल गहरीकरण एवं चौड़ीकरण कराया जाए, ताकि जल निकासी सुचारु हो सके और क्षेत्रवासियों को हर वर्ष आने वाली बाढ़ जैसी स्थिति से राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नाले के सुधार कार्य नहीं कराए गए, तो इस वर्ष भी बरसात के दौरान स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
