10 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:कोटा विकासखंड के ग्राम नागपुरा निवासी दिव्यांग छात्र अनिल कुमार के लिए स्कूल जाना किसी संघर्ष से कम नहीं था। 70 प्रतिशत दिव्यांगता के कारण उन्हें रोज लंबी दूरी तय करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्कूल 12 किलोमीटर दूर होने से पढ़ाई जारी रखना भी चुनौती बनता जा रहा था।
इसके बावजूद अनिल ने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपने सपनों को जीवित रखा। सुशासन तिहार के तहत बानाबेल में आयोजित समाधान शिविर में उन्होंने अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। शिविर में उनकी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सहायता प्रदान की गई और उन्हें मोटराइज्ड ट्राइसिकल उपलब्ध कराई गई।
ट्राइसिकल मिलते ही अनिल के चेहरे पर खुशी साफ झलक उठी। यह केवल एक वाहन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत थी। अब वे बिना किसी सहारे के आसानी से स्कूल जा सकेंगे। इससे उनके परिवार की चिंता भी काफी कम हुई है।
कक्षा 12वीं के छात्र अनिल ने बताया कि पहले स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी थी, लेकिन अब रास्ता आसान हो गया है और सपने पूरे करने का हौसला भी बढ़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की इस मदद ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।
