13 दिसम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर…..
बिलासपुर:–सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित मार्क अस्पताल एक बार फिर इलाज में कथित गंभीर लापरवाही के आरोपों के घेरे में आ गया है। पथरी के ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने और स्टेंट से जुड़ी गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार कोरबा निवासी स्वाति राजपूत को लगभग एक माह पूर्व पथरी के ऑपरेशन के लिए बिलासपुर रेफर किया गया था। परिजनों ने उन्हें सरकंडा स्थित मार्क अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन के दौरान पेट में स्टेंट डाले जाने की बात कही गई थी।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर पहुंचते ही स्वाति की तबीयत बिगड़ने लगी। तेज दर्द और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान परिजन लगातार इलाज के लिए भटकते रहे। जब एक महीने बाद स्थिति और ज्यादा बिगड़ी तो स्वाति को दोबारा मार्क अस्पताल लाया गया। आरोप है कि इस दौरान डॉक्टरों ने ऑपरेशन के समय डाले गए स्टेंट के पेट में मौजूद न होने की बात कहकर दूसरी जगह इलाज कराने की सलाह दे दी।

परिजनों का आरोप है कि स्टेंट निकालने के नाम पर मरीज के टांके खोल दिए गए, जिससे उसकी हालत और अधिक गंभीर हो गई। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने पूरे मामले की जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया। स्थिति नाजुक होने पर परिजन स्वाति को तत्काल नागपुर के एक बड़े अस्पताल ले गए, जहां फिलहाल उसका गहन इलाज जारी है।
पीड़ित परिजनों ने दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं यह मामला सामने आने के बाद निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान बरती जा रही लापरवाही को लेकर एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।
