बिलासपुर। मस्तुरी क्षेत्र की बदहाल सड़क को लेकर अब कांग्रेस के भीतर ही सियासी घमासान छिड़ गया है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर जिला पंचायत सभापति एवं कांग्रेस नेता दामोदर कांत लावर चौक पर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

उनका कहना है कि लंबे समय से जर्जर सड़क के निर्माण के लिए शिकायतें और मांग की जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की। लगातार उपेक्षा से नाराज होकर उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।

दामोदर कांत की भूख हड़ताल को कांग्रेस के कुछ नेताओं और स्थानीय ग्रामीणों का समर्थन मिल रहा है। लेकिन इस आंदोलन ने मस्तुरी कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को भी खुलकर सामने ला दिया है।

एक ओर कांग्रेस विधायक सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत सभापति इस दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं। सड़क की स्वीकृति को लेकर पार्टी के ही नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आने से राजनीतिक असमंजस की स्थिति बन गई है।

मामला अब सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है, जहां कांग्रेस नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। सवाल यह है कि जब सड़क निर्माण की स्वीकृति का दावा किया जा रहा है, तो फिर जिला पंचायत सभापति को भूख हड़ताल पर क्यों बैठना पड़ा? फिलहाल जर्जर सड़क का मुद्दा स्थानीय जनता की परेशानी के साथ कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान का बड़ा मुद्दा बन गया है।
