बिलासपुर/रायपुर। कोयला खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए देश की 50 खदानों को भारत सरकार के कोयला मंत्रालय ने पांच सितारा स्टार रेटिंग पुरस्कार से सम्मानित किया है। इनमें साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की पांच खदानों ने भी अपनी जगह बनाई है। खास बात यह है कि एसईसीएल की चार भूमिगत खदानों बंगवार, खैराहा, बहेराबांध और विजय वेस्ट के साथ एक ओपनकास्ट खदान जगन्नाथपुर को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। वित्त वर्ष 2024-25 के प्रदर्शन के आधार पर दिए गए इन पुरस्कारों में देश की 15 भूमिगत और 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं।

रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने खदानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने सुरक्षित खनन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को कोयला क्षेत्र की प्राथमिकता बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय के अपर सचिव सानोज कुमार झा, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम, कोयला नियंत्रक सतीश कुमार सहित मंत्रालय और विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

स्टार रेटिंग के लिए खदानों का मूल्यांकन उत्पादन एवं उत्पादकता, परिचालन दक्षता, तकनीकी नवाचार, श्रमिकों की सुरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन और स्थानीय समुदायों के कल्याण जैसे मानकों पर किया जाता है।

एसईसीएल की पांच खदानों को मिला यह सम्मान कंपनी के सुरक्षित, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल खनन प्रयासों को रेखांकित करता है। छत्तीसगढ़ की अन्य पुरस्कृत खदानों में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी की गेरे पेलमा सेक्टर-III और पारसा ईस्ट एंड कांटा बासन ओपनकास्ट खदान भी शामिल हैं।
