बिलासपुर। शासकीय पट्टे की जमीन को अपनी बताकर बिक्री का सौदा करने और 45 लाख 21 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सैय्यद शमशाद अली (71) और सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे (42) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को गिरफ्तार कर 26 अक्टूबर को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
मामले में प्रार्थी दीपक सोनी, निवासी विजयापुरम कॉलोनी सरकंडा, ने 24 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, ग्राम धमनी में महर्षि स्कूल रोड, मंगला स्थित करीब 20 एकड़ जमीन का सौदा सोनू दुबे के माध्यम से तय हुआ था। इसके बाद प्रार्थी ने अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन भुगतान, आरटीजीएस और नकद के जरिए शमशाद अली और उनकी पत्नी कमरूनिशा को कुल 45,21,000 रुपये दिए। जमीन की रजिस्ट्री और सीमांकन कराने की मांग पर लगातार टालमटोल किए जाने के बाद प्रार्थी ने राजस्व अभिलेखों की जांच कराई, जिसमें जमीन शासकीय पट्टे की निकली। पुराने अभिलेखों से यह भी पता चला कि भूमि का मामला राजस्व न्यायालय में लंबित था।
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि जमीन की स्थिति और राजस्व न्यायालय में मामला लंबित होने की जानकारी के बावजूद प्रार्थी से रकम लेकर धोखाधड़ी की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
