18 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र, भोजन मंत्र, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र जैसे धार्मिक अनुष्ठानों को शामिल किए जाने संबंधी स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश पर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में अल्पसंख्यक संगठन रज़ा यूनिटी फाउंडेशन (RUFC) ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए आदेश को न्यायालय में चुनौती देने की घोषणा की है।

संगठन का कहना है कि विद्यालयों में किसी विशेष धार्मिक परंपरा से जुड़े मंत्रों एवं अनुष्ठानों को लागू करना संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के विपरीत है। इसी मुद्दे को लेकर संगठन की बैठक में पदाधिकारियों और लीगल टीम ने विस्तृत चर्चा की तथा आवश्यक होने पर कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया।

रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के अनुसार, भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता और समानता का अधिकार प्रदान करता है। ऐसे में सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में किसी एक धार्मिक परंपरा से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देना संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।


इसी क्रम में संगठन के जिला अध्यक्ष रकीब अंसारी एवं फाउंडर सदस्य ताहिर हुसैन अंसारी ने अंबिकापुर में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उक्त आदेश पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा व्यवस्था को धार्मिक पक्षपात से मुक्त रखते हुए सभी समुदायों के विद्यार्थियों के लिए समान वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
संगठन ने शासन से मांग की है कि स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश की संवैधानिक समीक्षा कराई जाए तथा सरकारी विद्यालयों में किसी विशेष धर्म से संबंधित मंत्र, वंदना एवं धार्मिक गतिविधियों को अनिवार्य बनाए जाने पर रोक लगाई जाए।
रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि वह संविधान और कानून के दायरे में रहकर संघर्ष करेगा। यदि शासन स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन अपनी लीगल टीम के माध्यम से उच्च न्यायालय सहित सक्षम न्यायिक मंचों पर याचिका दायर करेगा।
संगठन का कहना है कि यह लड़ाई किसी धर्म के विरोध की नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए लड़ी जाएगी।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
