09 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष……
रायगढ़ पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। आरोपी ने कलेक्ट्रोरेट सारंगढ़ में कम्प्यूटर ऑपरेटर की संविदा नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवती से 3 लाख 38 हजार 500 रुपये ऐंठ लिए और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लंबे समय तक गुमराह करता रहा। पुलिस ने फरार आरोपी को जशपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कोतरा निवासी पदिमनी यादव ने थाना कोतरारोड़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी भतीजी के माध्यम से आरोपी हरीश मिश्रा से पहचान हुई।
आरोपी ने खुद को प्रभावशाली बताकर कलेक्ट्रोरेट सारंगढ़ में कम्प्यूटर ऑपरेटर पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके एवज में उसने फरवरी से मार्च 2026 के बीच अलग-अलग किश्तों में नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 3,38,500 रुपये वसूल लिए।
जब लंबे समय तक नियुक्ति नहीं हुई तो आरोपी लगातार बहाने बनाकर टालता रहा। बाद में उसने “कॉल मी सर्विसेस” नामक संस्था का नियुक्ति पत्र पीड़िता को थमा दिया। संदेह होने पर जब पीड़िता दस्तावेज लेकर कलेक्ट्रोरेट पहुंची, तब जांच में नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी निकला और पूरे नौकरी घोटाले का पर्दाफाश हो गया।
शिकायत के बाद थाना कोतरारोड़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 104/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी रही। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी जशपुर में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने ठगी की रकम लेना स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि अधिकांश पैसा खर्च हो चुका है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त रियलमी मोबाइल फोन और 900 रुपये नकद जब्त किए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले श्रम विभाग रायगढ़ में भृत्य के पद पर कार्य कर चुका है और उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं।
